
नागपुर। महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाग-बगीचे और रबी की फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक फसल क्षति का पंचनामा कराने या रिपोर्ट सौंपने के कोई निर्देश नहीं दिए हैं, जो यह दर्शाता है कि सरकार किसानों की पीड़ा को लेकर असंवेदनशील है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर किसानों को रबी फसल के नुकसान के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता देने की मांग करने की घोषणा की। राज्य में चल रही योजनाओं को लेकर वडेट्टीवार ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहना योजना’ जैसी योजनाएं आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं और इन्हें अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति विभागों के बजट से धन आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा की नीति है – इस्तेमाल करो और फेंक दो। एक पार्टी को इस्तेमाल किया गया है, इसलिए अब दूसरी पार्टी को भी साथ लिया जाना चाहिए।” साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की भूमिका भी बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है, हालांकि उन्होंने शरद पवार की भूमिका पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर वडेट्टीवार ने बताया कि दिल्ली में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की एक अहम बैठक होगी जिसमें महाराष्ट्र के प्रमुख नेता चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे। अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने अमेरिका को लेकर भारत सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, भारत को अमेरिका से माफी मांगने की क्या जरूरत है? पाकिस्तान अब भारत और भारतीय सेना के सामने युद्ध लड़ने के काबिल नहीं है। वडेट्टीवार के बयानों से जहां एक ओर राज्य की कृषि नीति और आपदा प्रबंधन को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक समीकरणों पर भी नई बहस छिड़ गई है।




