Tuesday, March 24, 2026
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कोकण विकास पर विधानसभा में व्यापक चर्चा, सरकार ने पर्यटन, मत्स्य, खेती और पर्यावरण के लिए बड़े फैसले गिनाए

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को कोकण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को लेकर हुई अल्पकालीन चर्चा में विभिन्न विभागों के मंत्रियों ने विस्तृत जवाब देते हुए बताया कि 877 किलोमीटर लंबी तटीय पट्टी के समग्र विकास, किसानों और मछुआरों की आय बढ़ाने, पर्यटन को गति देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ठोस कदम उठा रही है। इस चर्चा में विधायक आदित्य ठाकरे सहित कई सदस्यों ने भाग लिया और कोकण के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नीतेश राणे ने बताया कि कोकण के लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। मछली पालन को कृषि का दर्जा देने से मछुआरों को किसानों जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। सिंधुदुर्ग में मत्स्य विश्वविद्यालय की स्थापना, लैंडिंग सेंटर का विकास और अवैध एलईडी मछली पकड़ने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जल परिवहन के लिए हजारों करोड़ रुपये की योजना और मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना पर काम जारी है। वन मंत्री गणेश नाईक ने बताया कि कोकण में बंदरों और वन्यजीवों के बढ़ते उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। बंदर पकड़ने का मानदेय बढ़ाया गया है और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए ‘बिबट सफारी’ जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं। पानी आपूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटील ने जानकारी दी कि जल जीवन मिशन के तहत हजारों योजनाएं लागू हैं और 2028 तक सभी परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित किया जा सके। रोजगार हमी एवं फलोत्पादन मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आम और काजू फसलों को नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार बीमा और अन्य योजनाओं के माध्यम से किसानों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिना बीमा वाले किसानों को भी सहायता देने की योजना पर विचार किया जा रहा है। जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि तिलारी परियोजना से सिंचाई को बड़ा लाभ मिल रहा है और राज्य में 51 परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जबकि कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि कोकण के पर्यटन विकास के लिए विशेष पैकेज की मांग की गई है और एमटीडीसी रिसॉर्ट्स को ‘स्टार कैटेगरी’ में अपग्रेड किया जाएगा। सड़क और कनेक्टिविटी सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने जलवायु परिवर्तन को गंभीर चुनौती बताते हुए वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण और नदी पुनर्जीवन जैसे कदमों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2070 तक कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य की दिशा में राज्य काम कर रहा है। राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल ने बताया कि कोकण के संतुलित विकास के लिए वैधानिक विकास मंडलों को विस्तार देने के प्रयास जारी हैं और कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरा जा रहा है। वहीं, सार्वजनिक निर्माण राज्यमंत्री इंद्रनील नाईक ने कहा कि मुंबई-गोवा महामार्ग का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य जल्द पूरा किया जाएगा, जिससे कोकण क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि कोकण के विकास के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है, जिससे रोजगार, पर्यटन, कृषि और पर्यावरण सभी क्षेत्रों में संतुलित प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

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