Thursday, March 19, 2026
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एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर वार: ‘मालिक और गुलामों’ की नहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी है

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ‘मालिक और गुलामों’ की नहीं, बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं की पार्टी है। शिंदे ने यह बयान शिवसेना (यूबीटी) से उनके खेमे में आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया।
शिंदे का उद्धव पर हमला
शिंदे ने कहा हम सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए। हम जमीनी कार्यकर्ता हैं और मैं आपका सहयोगी हूं। हमारी पार्टी कुछ खास लोगों की नहीं, बल्कि उन लाखों कार्यकर्ताओं की है जिन्होंने इसे अपने खून-पसीने से सींचा है। यह काम करने वालों की पार्टी है, न कि ‘मालिक और गुलामों’ की। उन्होंने आगे कहा कि वे अपनी आलोचना और दुर्व्यवहार का जवाब अपने कार्यों से देते हैं और हमेशा पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहेंगे। हाल ही में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के एक शो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कामरा ने अपने शो में शिंदे पर पाला बदलने को लेकर कटाक्ष किया था, जिससे शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ता भड़क गए। इसके बाद मुंबई के खार इलाके में स्थित ‘हैबिटेट कॉमेडी क्लब’ में तोड़फोड़ की गई, जहां कामरा का शो शूट हुआ था।
‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा होनी चाहिए’- शिंदे
शिंदे ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “कटाक्ष करते समय मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, वरना क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी एक दायरा होता है। उन्होंने कामरा की तुलना “सुपारी लेकर किसी के खिलाफ बोलने” से की और कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न सिर्फ अनावश्यक हैं बल्कि समाज को बांटने का भी काम करती हैं।
शिवसेना कार्यकर्ताओं की हिंसक प्रतिक्रिया
कामरा के वीडियो वायरल होने के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ता गुस्से में आ गए और रविवार को मुंबई में खार स्थित हैबिटेट कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने होटल यूनिकॉन्टिनेंटल के बाहर प्रदर्शन भी किया, जहां यह क्लब स्थित है। कामरा के शो और उसके बाद हुई हिंसा ने महाराष्ट्र की राजनीति को गर्मा दिया है। उद्धव ठाकरे गुट ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा कि सत्ता में बैठे लोग आलोचना सहन नहीं कर पा रहे हैं। शिंदे गुट इसे अपने नेता की छवि खराब करने की साजिश करार दे रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह विवाद आगे कितना बढ़ता है और विपक्ष इस पर क्या रुख अपनाता है।

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