
मुंबई। इस वर्ष मानसून की गति सामान्य से तेज रही है, जिसके चलते दक्षिण कोंकण में मानसून 25 मई को ही पहुंच गया। जो कि सामान्य समय से 10 दिन पहले है। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमानों के अनुसार, 27 मई से मानसून की प्रगति धीमी पड़ने की संभावना है, जिससे महाराष्ट्र के मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 मई से राज्य का मौसम धीरे-धीरे शुष्क होता जाएगा और तापमान में भी मामूली वृद्धि हो सकती है। मई के अंत तक कोंकण क्षेत्र को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम बना रहने की संभावना है। यह स्थिति कम से कम 5 जून तक रह सकती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून के प्रवेश की संभावना फिलहाल कम है। इस बीच, देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून की प्रगति अस्थायी रूप से रुक सकती है। हालांकि अब तक महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में जोरदार प्री-मानसून आंधी और बारिश देखने को मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे वास्तविक मानसून की शुरुआत मानना गलत होगा। इस परिप्रेक्ष्य में, कृषि विभाग ने किसानों को विशेष रूप से सचेत किया है कि वे मानसून के जल्द आगमन की उम्मीद या अफवाहों के आधार पर बुवाई या रोपण में जल्दबाजी न करें। विभाग ने कहा है कि चूंकि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा, ऐसे में यदि वर्षा-आधारित खेती करने वाले किसान समय से पहले बुवाई करते हैं तो फसल नष्ट होने की संभावना अधिक है, जिससे भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग का सुझाव है कि किसान बुवाई की प्रक्रिया तब तक न शुरू करें जब तक मानसून पूरी तरह से सक्रिय न हो जाए और वर्षा का क्रम स्थिर रूप से प्रारंभ न हो। विभाग ने यह भी अपील की है कि किसान अधिकृत मौसम पूर्वानुमानों पर ही भरोसा करें और फसल चक्र की योजना उसी आधार पर बनाएं।




