Thursday, February 5, 2026
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कर्तव्य बजट: रोजगार, संसाधन और विकास

पत्रकार व लेखक- हेमेन्द्र क्षीरसागर, पत्रकार
देश की वित्त मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा 2026 के प्रस्तुत केन्द्रीय आम बजट कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसकी पड़ताल करे तो हम पाएंगे पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा केंद्रित निर्णयों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर विकास और कम मुद्रास्फीति के साथ लगातार बढ़ी है। प्रस्तावित बजट में रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता और घरेलू क्रय शक्ति के लिए सुधार लागू किए गए। 2025 में स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 350 से अधिक सुधारों को लागू किया गया है। इनमें जीएसटी सरलीकरण, श्रम संहिताओं की अधिसूचना और अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है।
जीवन सुगमता: रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति मिल रही है। सीमा शुल्क और अन्य अप्रत्यक्ष करों के साथ-साथ प्रत्यक्ष कराधान उपायों जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और बोझिल नियमों को कम करके क्रमशः हमारे नागरिकों और व्यवसायों के लिए जीवन सुगमता और व्यापार सुगमता में सुधार करना है। विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 में प्रधानमंत्री के साथ कई नवीन विचारों को साझा किया गया। जिन्होंने कई प्रस्तावों को प्रेरित किया है, जिससे यह एक अद्वितीय युवा शक्ति-संचालित बजट बन गया है।
आर्थिक विकास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का ‘संकल्प’ गरीबों, वंचितों और वंचितों का समर्थन करना है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए बजट 3 कर्तव्यों से प्रेरित हैं। उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाकर और अस्थिर वैश्विक गतिशीलता के लिए लचीलापन बनाकर आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना। अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना। यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और क्षेत्र की सार्थक भागीदारी के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच हो। सबका साथ, सबका विकास और विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना।
बायोफार्मा शक्ति: आर्थिक विकास को गति देने और बनाए रखने के लिए, बजट 6 क्षेत्रों पर केंद्रित है। रणनीतिक और सीमांत क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ाना। भारत को एक वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए बजट में बायोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल उन्नति के लिए रणनीति) की शुरुआत की गई है। जो घरेलू जीवविज्ञान और बायोसिमिलर उत्पादन के लिए 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये की पहल है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को उपकरणों और सामग्रियों के उत्पादन, भारतीय आईपी के पूर्ण स्टैक को डिजाइन करने और सेमीकंडक्टर्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए लॉन्च किया जाएगा।
विशेष सहायता: इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जों के विनिर्माण योजना के लिए परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करना। औद्योगिक क्षेत्रों की विरासत का कायाकल्प। बुनियादी ढांचे को एक शक्तिशाली बढ़ावा देना। वित्त वर्ष 2026-27 में बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है, जो अब तक का सबसे अधिक है। राज्यों को विशेष सहायता आवंटित करके सुधारों को लागू करने और उत्पादक खर्च में शामिल होने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करना।
मेडिकल हब: महिला सशक्तिकरण की दिशा में हर जिले में महिला छात्रावास की स्थापना। पांच आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के तहत मेडिकल हब बनाना। आयुष मिशन को विशेष प्रोत्साहन। कैंसर के मरीजों को बजट में बड़ी राहत मिली। महंगी दवाइयों से हटा कर, अब सस्ता होगा इलाज। रेलवे के क्षेत्र में 2.78 लाख करोड़ का बजट। 7 बूलेट ट्रेन रेलवे कोरिडोर। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ और दलहन एवं तिलहन के लिए आत्मनिर्भरता मिशन। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए का प्रावधान। गांवों को विकास का इंजन बनाने के लिए आवंटन। दिव्यांग जन कौशल विकास और प्रशिक्षण योजना लागू करना इत्यादि शामिल हैं। जैसे विकल्प देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प अवश्य पूरा करेंगे। जिसकी उम्मीद देशवासियों ने देश की सरकार से लगाईं थी, जो प्रस्तुत बजट में दिखाई पड़ी।

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