Wednesday, March 18, 2026
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मुंबई में भारत-यूएई सहयोग को बढ़ावा: शेख हमदान और पीयूष गोयल की उपस्थिति में 8 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

मुंबई। मुंबई में गुरुवार को एक ऐतिहासिक क्षण के दौरान दुबई के क्राउन प्रिंस, यूएई के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए आठ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य सेवा, उच्च शिक्षा, समुद्री सेवाएं, रसद और निजी क्षेत्र की भागीदारी जैसे क्षेत्रों को लक्षित करते हुए इन समझौतों का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देना है। यह विशेष हस्ताक्षर समारोह दुबई चैंबर्स द्वारा आयोजित किया गया, जो शेख हमदान की भारत यात्रा का हिस्सा था।
शेख हमदान का बयान: उन्होंने भारत और यूएई के बीच गहरी मित्रता की सराहना करते हुए कहा, “हमारे राष्ट्र नवाचार, अवसर और सतत विकास के माध्यम से भविष्य को आकार देने के लिए एकजुट हैं।” उन्होंने दोनों देशों के नेतृत्व द्वारा साझा किए गए विजन को सहयोग की नींव बताया।

प्रमुख हस्ताक्षर: दुबई चैंबर्स ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), फिक्की और आईएमसी के साथ तीन महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षरकर्ताओं में दुबई चैंबर्स के CEO मोहम्मद अली राशिद लूता, CII के उपाध्यक्ष आर. मुकुंदन, फिक्की के अनंत गोयनका और IMC की उपाध्यक्ष सुनीता रामनाथकर शामिल रहे।
बुनियादी ढांचे पर साझेदारी:
DP वर्ल्ड और भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग फर्म RITES ने एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य लचीली और तकनीक-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है।शिक्षा और स्वास्थ्य में सहयोग: दुबई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन विभाग (DET) और IIM अहमदाबाद ने दुबई में IIMA का एक विश्व स्तरीय परिसर स्थापित करने के लिए समझौता किया।
दुबई हेल्थ और UAE-India Friendship Hospital (UIFH) ने दुबई में एक समावेशी, गैर-लाभकारी अस्पताल के निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
UIFH के संस्थापक ट्रस्टी: इस पहल में कई प्रमुख भारतीय उद्योगपति और यूआईबीसी यूएई चैप्टर के सदस्य शामिल हैं—फैजल कोटिकोलोन, नीलेश वेद, सिद्धार्थ बालचंद्रन, तारिक चौहान, और रमेश एस रामकृष्णन।
इन समझौतों ने भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया है, जो भविष्य में आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ठोस बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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