
नवी मुंबई। एक चौंकाने वाली और गंभीर कानून-व्यवस्था की घटना में पिछले सप्ताह नवी मुंबई के उलवे इलाके में ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टीम पर संदिग्ध तस्करों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना तब हुई, जब टीम ने उलवे के शगुन चौक के पास ड्रग तस्करी से जुड़े संदिग्धों का पीछा करते हुए छापा मारा। जानकारी के अनुसार, जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की, संदिग्धों ने चाकू, तलवार, हॉकी स्टिक और गांव की कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियारों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में आरसीएफ़ पुलिस स्टेशन में पदस्थ असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर किरण मंधारे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके अलावा फिरोज सिद्दीकी, अहमद रजा कुरैशी और अतुल जायसवाल सहित अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। हमले की सूचना मिलते ही उलवे पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर रवाना किया। इसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया और सभी आठ आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन से पहले मुंबई पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस स्टेशन से औपचारिक सहयोग नहीं लिया था और नवी मुंबई पुलिस को कार्रवाई की पूर्व सूचना भी नहीं दी गई थी। इस पहलू को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी समन्वय की कमी से कोई गंभीर स्थिति न उत्पन्न हो। गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी 2026 में पनवेल में नए साल की पूर्व संध्या पर वाहन चेकिंग के दौरान भी पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसमें एक ट्रैफिक कांस्टेबल घायल हो गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं नवी मुंबई क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं।




