
मुंबई। शुक्रवार को मुंबई की प्रमुख सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ आई, जब मराठा क्रांति मोर्चा के नेता मनोज जारंगे पाटिल के नेतृत्व में हजारों समर्थकों ने दक्षिण मुंबई की ओर कूच किया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और फोर्ट क्षेत्र में नारेबाजी और मार्च के चलते मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए, जिससे दक्षिण और मध्य मुंबई के हिस्सों में यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। बायकुला से शुरू हुए आंदोलन के दौरान पुलिस ने जेजे फ्लाईओवर पर बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों के वाहनों को वाडी बंदर स्थित बीपीटी परिसर में पार्क करने का निर्देश दिया, जिससे उन्हें शेष दूरी पैदल तय करनी पड़ी। आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती की है। केवल आज़ाद मैदान में ही करीब 1,000 कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि शहर में पहले से गणेशोत्सव प्रबंधन के लिए लगभग 18,000 पुलिसकर्मी मौजूद हैं। विरोध स्थल पर दो अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, छह उपायुक्त, 200 सहायक आयुक्त व निरीक्षक और 800 कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF), दंगा नियंत्रण दस्ता, त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), CRPF कंपनियां और बम निरोधक दस्ते को भी अलर्ट पर रखा गया है। यह विरोध ऐसे समय में हो रहा है जब मुंबई गणेशोत्सव के शुरुआती दिनों से गुजर रही है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शहर के दौरे पर हैं। शाह विभिन्न गणेश मंडलों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे और भाजपा नेताओं से मुलाकात करेंगे, जिसके लिए भी समानांतर सुरक्षा इंतजाम आवश्यक हैं। उत्सव प्रबंधन और राजनीतिक आंदोलन के इस दोहरे दबाव ने मुंबई पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अभूतपूर्व चुनौती खड़ी कर दी है। मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे मनोज जारंगे पाटिल ने गणेशोत्सव के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है और अपने समर्थकों के साथ पहले ही मुंबई पहुंच चुके हैं।