
मुंबई। शहर और आसपास के इलाकों में डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों का सिलसिला जारी है। ताज़ा मामलों में 61 वर्षीय अमरावती निवासी महिला से 17 लाख रुपये से अधिक और रायगढ़ की 52 वर्षीय महिला से 12.40 लाख रुपये ठगे गए। पुलिस के अनुसार, अमरावती की पीड़िता को 6 अगस्त को एक कॉल आया, जिसमें खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताकर आरोप लगाया गया कि उसके आधार कार्ड से एक सिम कार्ड लिया गया है और उसका इस्तेमाल अश्लील वीडियो प्रसारित करने में हो रहा है। इसके बाद, खुद को भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड का अधिकारी बताने वाले शख्स ने महिला को झांसा दिया कि उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। आरोपियों ने उससे उसकी बचत, निवेश और लॉकर की जानकारी निकलवाई और 17 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम की धारा 66सी (पहचान की चोरी) व 66डी (छद्म नाम से धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया गया है। इसी तरह, रायगढ़ निवासी 52 वर्षीय महिला को 30 अगस्त को कॉल कर बताया गया कि उसके आधार विवरण से एक बैंक खाता खोला गया है जिसमें 2 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। बाद में 2 सितंबर को उसे वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी में तीन लोग दिखे और उसके नाम से एक फर्जी एफआईआर भी भेजी गई। घोटालेबाजों ने उसे दबाव डालकर 12.40 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए। इस मामले में आईपीसी की धारा 316, 318, 340 और आईटी अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।




