
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा “एक कदम थैलेसीमिया मुक्ति की ओर” अभियान का औपचारिक शुभारंभ लोक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर और राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डिकर द्वारा किया गया। इस अभियान का उद्देश्य थैलेसीमिया जैसे गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और प्रभावी उपचार विधियों के माध्यम से इस रोग के उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाना है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा आयुक्त एवं स्वास्थ्य मिशन निदेशक श्री रंगा नायक, स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. नितिन अबंडेकर, शहरी स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. स्वप्निल लाले, अतिरिक्त निदेशक डॉ. विजय बाविस्कर, संयुक्त निदेशक श्री तुलसीदास सोलंके, राज्य रक्तकोष के सहायक निदेशक डॉ. महेंद्र केंद्र, डॉ. सुनीता गोल्हेत, डॉ. गोविंद चौधरी, डॉ. सरिता हजारे तथा थैलेसीमिया समूह परभणी के डॉ. लक्ष्मीकांत पिंपलगांवकर उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने कहा कि सरकार थैलेसीमिया पीड़ितों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने और उनके पूर्ण पुनर्वास हेतु बहुआयामी प्रयास कर रही है। इसमें नियमित रक्त आधान, अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण, नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श केंद्रों की स्थापना तथा मार्गदर्शन सेवाएं शामिल हैं। राज्य मंत्री श्रीमती मेघना साकोरे-बोर्डिकर ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विवाहपूर्व थैलेसीमिया जांच की अनिवार्यता को रेखांकित करते हुए नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा, “थोड़ी सी सावधानी अगली पीढ़ी का जीवन बचा सकती है। अभियान के तहत “जीवन को सशक्त बनाएं, प्रगति को अपनाएं” जैसे संदेशों के माध्यम से स्वास्थ्य-सक्षम और थैलेसीमिया-मुक्त महाराष्ट्र का संकल्प व्यक्त किया गया। इस अवसर पर थैलेसीमिया पीड़ितों को विकलांगता प्रमाण पत्र वितरित किए गए, तथा जागरूकता अभियान के अंतर्गत वेबसाइट www.thalesemiyasupport.com का लोकार्पण भी किया गया।
सरकार की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि थैलेसीमिया और अन्य स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए नागरिक 104 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।




