Monday, February 9, 2026
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“उच्च शिक्षा में AI की बढ़ती भूमिका पर मंथन, युवा बनें भविष्य की तकनीक के नेतृत्वकर्ता: घनश्याम शाही”

झांसी, उत्तर प्रदेश। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं मेटा बिजनेस पार्टनर के सहयोग से उच्च शिक्षा में एआई विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जुड़े कई प्रतिष्ठित अतिथियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही रहे। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडेय ने की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के प्रति जागरूक किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि घनश्याम शाही ने कहा कि आज का युवा भारत के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने संगठन, नेतृत्व और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण भी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडेय ने विश्वविद्यालय में हो रहे नवाचारों और शैक्षणिक सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होंगे। विशिष्ट अतिथि रहीश सिंह, सलाहकार मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ने बताया कि वैश्य प्रदर्शित विशेष कर तकनीक के क्षेत्र में भारतीयों का लोहा हर कोई मान रहा है। विश्व के सभी देश भारत को एक चुनौती के रूप में ले रहे हैं। छात्रों को बदलते प्रवेश के लिए तैयार रहना होगा एवं शिक्षा एवं नवाचार के माध्यम से भारत को अग्रणी राष्ट्र बनाना है। विशिष्ट अतिथि एवं सॉफ्टवेयर पार्क के पूर्व डीजी ओमकार राय ने तकनीकी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में कौशल आधारित शिक्षा अत्यंत आवश्यक है और विद्यार्थियों को बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने और नवाचार की दिशा में कार्य करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। सेना की टेक्निकल विंग के मेज़र अभिरूप डे ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ मिलकर ए आधारित समस्याओं को लेकर काम करना चाह रहे हैं जिससे तकनीक आधारित युद्ध की समस्याओं को समाधान मिल सके। मेटा बिजनेस पार्टनर फैज़ ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए बताया कि आज के समय में ऑनलाइन माध्यम युवाओं के लिए असीम संभावनाएं लेकर आए हैं। सही दिशा और रणनीति के साथ डिजिटल दुनिया में भी शानदार करियर बनाया जा सकता है। कुलसचिव ज्ञानेन्द्र शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। डायरेक्टर इंजीनियरिंग प्रोफेसर डी.के. भट्ट ने अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने छात्रों से अनुसंधान और प्रायोगिक शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। डॉ प्रियंका पांडे, समन्वयक कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट ने विषय की प्रस्तावना रखी। संचालन डॉक्टर अनुपम व्यास ने किया। इस अवसर पर कैप्टन हितेश गौतम, मनीष राय प्रांत संगठन मंत्री, तरुण बाजपेई सह प्रांत संगठन मंत्री, निर्भय विभाग संगठन मंत्री, आकाश राजपूत जिला संगठन मंत्री, बृजेश मिश्रा प्रांत अध्यक्ष, विवेक सिंह महानगर अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष डॉ शशिकांत, डॉ अवधेश गौड़ , डॉ लखन , डॉ मुकुल, डॉ जाकिर, डॉ अनु सिंगला , डॉ काव्य दुबे, डॉ अतुल मकरारिया, प्रो सौरभ श्रीवास्तव , डॉ अंजलि श्रीवास्तव , डॉ शुभांगी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अतिथियों के विचारों से प्रेरणा प्राप्त की।

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