
मुंबई। महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर वर्ष 2027 को द्विशताब्दी वर्ष के रूप में पूरे राज्य में उत्साहपूर्वक मनाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में 11 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2027 तक राज्य के सभी स्कूलों में शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का व्यापक कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस कार्ययोजना की जानकारी दादाजी भुसे ने देवेंद्र फडणवीस को पत्र के माध्यम से दी है।महात्मा फुले को आधुनिक भारत के सामाजिक क्रांति के अग्रदूत, महान समाज सुधारक और शिक्षा के पुरोधा के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जातीय भेदभाव, अंधविश्वास और शिक्षा पर लगे प्रतिबंधों के खिलाफ संघर्ष करते हुए सत्यशोधक समाज के माध्यम से समानता, सामाजिक न्याय और मानव मुक्ति का विचार जनसामान्य तक पहुंचाया। स्त्री शिक्षा की नींव रखने वाले फुले दंपत्ति ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम साबित किया। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने विद्यार्थियों में मूल्य आधारित, समावेशी और कौशल आधारित शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। 11 अप्रैल 2026 को सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में महात्मा फुले की प्रतिमा पूजन के साथ इस अभियान की शुरुआत होगी। इस दौरान स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए फुले के जीवन और विचारों पर आधारित पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी और पुस्तकालयों को ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही व्याख्यान, वेबिनार, परिसंवाद और चर्चासत्रों के माध्यम से उनके विचारों का प्रसार किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से स्त्री शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता पर जोर दिया जाएगा।शालेय स्तर पर पथनाट्य, एकल अभिनय, निबंध, पोस्टर प्रतियोगिता, विज्ञान एवं आईसीटी आधारित गतिविधियां, समता दौड़ और ग्रामभेट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘महात्मा फुले शैक्षणिक प्रेरणा सप्ताह’ के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा #Phule200 अभियान के तहत विद्यार्थियों को अपने कार्यक्रमों के फोटो और वीडियो ऑनलाइन साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि ‘आनंददायी शनिवार’ पहल के तहत इन गतिविधियों का आयोजन अनिवार्य रहेगा।सरकार ने महीनेवार कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की है, जिसके अनुसार अप्रैल में जनजागरण, जून में पर्यावरण एवं जल संरक्षण, जुलाई में सामाजिक समानता, अगस्त में समाज सेवा, सितंबर में नवाचार, अक्टूबर में महिला सशक्तिकरण, नवंबर में नेतृत्व एवं नागरिकता, दिसंबर में सांस्कृतिक विकास, जनवरी में शोध परियोजनाएं, फरवरी में प्रतियोगिताएं तथा मार्च 2027 में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा शिक्षा आयुक्त द्वारा की जाएगी ताकि प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि महात्मा फुले की 200वीं जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों में समानता, शिक्षा और मानवता के मूल्यों को मजबूत किया जाएगा।




