
मुंबई। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर आम जनता को निशाना बनाते हुए ठगी का बड़ा खेल रचा। विक्रोली के 21 वर्षीय इंजीनियर सफीन कुरैशी और पवई के 79 वर्षीय वरिष्ठ डॉक्टर को अलग-अलग शेयर बाजार निवेश घोटालों में ठग लिया गया। कुल मिलाकर दोनों मामलों में लगभग 29.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। सफीन कुरैशी ने पार्कसाइट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने शेयर बाजार में उच्च रिटर्न का लालच देकर फंसाया। आरोपी ने कुरैशी को एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से निवेश करने के लिए राजी किया। इसके बाद एक महिला ने निवेश परामर्श के नाम पर उनके व्यक्तिगत और वित्तीय विवरण जुटाए। कुरैशी ने ऐप के जरिए कुल 4.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन बाद में जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो असफल रहे। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पवई में 25 लाख का फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म
दूसरा मामला पवई का है, जहां एक 79 वर्षीय डॉक्टर, जो एक निजी कंपनी के प्रमुख भी हैं, को शेयर ट्रेडिंग घोटाले में लगभग 25 लाख रुपये का चूना लगाया गया। डॉक्टर को एक व्हाट्सएप संदेश के जरिए निवेश के अवसरों का झांसा दिया गया और बाद में उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ले जाया गया। पश्चिमी क्षेत्र की साइबर सेल ने इस मामले में दो संदिग्धों– प्रशांत चौधरी और रिचर्ड राव को गिरफ्तार किया है। धोखाधड़ी 17 जुलाई से शुरू हुई, जब डॉक्टर को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उन्हें शेयर बाजार के टिप्स और विश्लेषण दिए जाते थे। भरोसा जीतने के बाद, आरोपियों ने उनके लिए एक नकली ट्रेडिंग आईडी और पासवर्ड बनाया। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है और साइबर सेल नागरिकों से सावधानी बरतने, अनजान लिंक और संदेशों से बचने की अपील कर रही है।