
मुंबई। बीकेसी और ओपेरा हाउस क्षेत्र के दो प्रतिष्ठित हीरा व्यापारियों से जुड़े करीब 5.25 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग धोखाधड़ी मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों मामलों में हीरे खरीदने के नाम पर माल लेने के बाद न भुगतान किया गया, न ही हीरे लौटाए गए। बीकेसी पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कांतिलाल छोटेलाल डायमंड कंपनी और राजदूत जेम्स कंपनी से जुड़े सेल्स मैनेजरों ने चेन्नई स्थित शुभ ऑर्नामेंट्स के संचालकों अक्षय और हितेश कुमार पर 1.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि आरोपियों को पांच वर्षों से व्यक्तिगत रूप से जानते थे, जिससे विश्वास स्थापित हुआ था। आरोपियों ने अप्रैल 2025 में 2.04 कैरेट के दो हीरे 28.56 लाख रुपये में मंगवाए और सात दिन में सौदा पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद, अन्य मूल्यवान हीरे भी उन्हीं के भरोसे भेजे गए, जिससे कुल ठगी 1.65 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। न तो हीरे लौटाए गए और न ही भुगतान किया गया।
ओपेरा हाउस में 3.6 करोड़ रुपये की हीरा ठगी, चेक बाउंस
एक अन्य मामले में, ओपेरा हाउस स्थित हीरा व्यापारी संतोष लोनंदकर (60) को बेंगलुरु के एक पुराने कारोबारी सहयोगी द्वारा 3.6 करोड़ रुपये के हीरे ठग लिए गए। आरोपी ने यह दावा किया था कि उसके पास 500 कैरेट सफेद फुल-कट हीरे का खरीदार है और 22 अक्टूबर 2024 को दोनों के बीच हस्ताक्षरित दस्तावेज़ (जंगद रसीद) के आधार पर सौदा हुआ। लोनंदकर ने हीरे की खेप सौंप दी, जिसके बदले आरोपी ने एक चेक दिया और दिवाली के बाद इसे जमा करने की बात कही। हालांकि, जब चेक को बैंकों में प्रस्तुत किया गया तो वह बाउंस हो गया।
जांच जारी, उद्योग जगत में चिंता
दोनों घटनाओं ने मुंबई के हीरा व्यापारियों के बीच सुरक्षा और भरोसे के सवाल खड़े कर दिए हैं। बीकेसी और ओपेरा हाउस जैसे उच्च सुरक्षा वाले व्यापारिक क्षेत्रों में इस तरह की धोखाधड़ी से हीरा उद्योग में झटका महसूस किया जा रहा है। बीकेसी पुलिस और ओपेरा हाउस क्षेत्रीय थानों ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।




