Tuesday, March 17, 2026
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फर्जी प्रमाणपत्र देकर सरकार को गुमराह करने वाली स्कूल पर दर्ज होगा आपराधिक मामला: मंत्री अतुल सावे

मुंबई। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में एक शैक्षणिक संस्था द्वारा गलत जानकारी देकर सरकार को फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है। इस मामले में संबंधित स्कूल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। यह जानकारी सोमवार को राज्य के अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे ने विधानसभा में दी।
हिंगोली जिले के विद्या शक्ति शिक्षण प्रसारक मंडल द्वारा संचालित लखन सर्जराव नाइक इंग्लिश स्कूल, कोलसा से जुड़े इस मामले को लेकर विधायक तानाजी मुटकुळे ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इस पर मंत्री अतुल सावे ने जवाब देते हुए पूरी जानकारी दी। इस चर्चा में विधायक बाबासाहेब देशमुख, प्रशांत बंब और संजय कुते ने भी भाग लिया। मंत्री सावे ने बताया कि अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग की ओर से राजे यशवंतराव होलकर इंग्लिश मीडियम रेजिडेंटलियल स्कूल स्कीम संचालित की जाती है। संबंधित संस्था ने मराठी माध्यम की स्कूल को अंग्रेजी माध्यम की बताकर दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी प्रमाणपत्र सरकार को प्रस्तुत किया था।
इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद विभाग द्वारा जांच की गई। जांच में छात्रों की उपस्थिति के आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया। इसके बाद संबंधित स्कूल को नोटिस जारी किया गया है और अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग के आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से विस्तृत जांच कराई जाएगी। मंत्री सावे ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी, फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर प्राप्त सरकारी अनुदान की वसूली की जाएगी और संबंधित संस्था के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकरण में यदि कोई अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग के आयुक्तालय के निदेशक को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री सावे ने कहा कि यदि संबंधित स्कूल में पढ़ने वाले छात्र हैं तो उन्हें हिंगोली जिले की अन्य अंग्रेजी माध्यम की आवासीय स्कूलों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि राज्य में जालना और बीड समेत अन्य क्षेत्रों की 23 स्कूलों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। पूरी जांच प्रक्रिया पूरी होने तक इस वर्ष किसी भी नए छात्र का चयन नहीं किया गया है।

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