
सतारा। सतारा जिले में महायुति सरकार के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। जिले के गार्डियन मिनिस्टर शंभूराज देसाई और ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे के बीच जुबानी जंग काफी तीखी हो गई है। फलटण में बीजेपी के विजयी उम्मीदवारों के लिए आयोजित धन्यवाद सभा में मंत्री जयकुमार गोरे के बयान के बाद यह विवाद और भड़क गया। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री गोरे ने पूर्व मंत्री रामराजे नाइक-निंबालकर और शिंदे गुट की शिवसेना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रामराजे को ‘शकुनि मामा’ कहते हुए कड़ी आलोचना की और कहा कि “कोई यहां दाढ़ी पर हाथ फेरते हुए आया था और आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा था। मैं साफ कहना चाहता हूं कि हमारे लिए आतंक काम नहीं करता। हमारी भी दाढ़ी है, लेकिन हम अपने शोर से किसी को डराना नहीं चाहते।” उनके इस बयान को शिंदे गुट और गार्डियन मिनिस्टर पर सीधा हमला माना गया। मंत्री गोरे ने आगे कहा कि पहले कोरेगांव से लोग आए, फिर उत्तरा से आए और अब फलटण से लोग आए हैं, लेकिन धमकी और दबाव की राजनीति यहां नहीं चलेगी। उनके इस बयान से महायुति के भीतर चल रही असहमति सार्वजनिक मंच पर आ गई। मंत्री गोरे की चेतावनी के तुरंत बाद गार्डियन मिनिस्टर शंभूराज देसाई ने भी उसी तीखे लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “जयकुमार गोरे कह रहे हैं कि वह प्रभावित नहीं होना चाहते। इसका मतलब हमें यह समझना चाहिए कि आतंक किसका है। मैं सतारा जिले का गार्डियन मिनिस्टर हूं और मैं किसी भी तरह का आतंक बर्दाश्त नहीं करूंगा। जिला भी कभी आतंक सहन नहीं करेगा। अब से अगर कोई बदमाशी, अत्याचार या आतंक की भाषा बोलेगा, तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि सतारा जिले के कई नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति एकजुट होकर मैदान में नहीं उतरी थी। कई जगहों पर बीजेपी ने अकेले चुनाव लड़ा, जबकि सहयोगी दलों के बीच अंदरूनी आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे। चुनाव नतीजों के बाद भी यह खींचतान खत्म होने के बजाय और तेज होती दिख रही है। फलटण की इस सभा में सामने आया यह टकराव साफ संकेत देता है कि सतारा जिले में महायुति के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक तनाव और गहराने की संभावना है।




