
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को झूठे केस में फंसाने की एक बड़ी साजिश रची गई थी। इस साजिश का पर्दाफाश विधानसभा के शीतकालीन अधिवेशन 2024 में हुआ, जब बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर ने विधान परिषद में ‘पॉइंट ऑफ इन्फॉर्मेशन’ के तहत यह मामला उठाया। इसके बाद ठाणे नगर पुलिस थाने में एफआईआर नंबर 742/2024 के तहत मामला दर्ज किया गया।
महाविकास अघाड़ी सरकार पर साजिश रचने का आरोप
बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर ने आरोप लगाया कि यह साजिश महाविकास अघाड़ी सरकार के कार्यकाल में रची गई थी, जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। उनका दावा है कि तत्कालीन सरकार का मकसद किसी भी तरह देवेंद्र फडणवीस को झूठे मामले में फंसाकर उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना था। दरेकर ने इस मामले में गहन जांच के लिए विशेष जांच समिति (एसआईटी) गठित करने की मांग की थी।
महाराष्ट्र सरकार ने बनाई एसआईटी
अब इस एफआईआर की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन कर दिया है। इस टीम का नेतृत्व मुंबई के जॉइंट सीपी सत्यनारायण चौधरी करेंगे। उनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक राजीव जैन, डीसीपी नवनाथ धवले और एसीपी अदिकराव पोल भी जांच अधिकारी के रूप में शामिल होंगे।
एसआईटी करेगी गहन जांच
एसआईटी इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी, संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेगी और अपनी रिपोर्ट महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्रालय को सौंपेगी।
बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर का बयान
प्रवीण दरेकर ने कहा, मुझे लगता है कि जनता के सामने सच आना चाहिए। जब हमारी सरकार होती है, तो हम पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया जाता है। लेकिन जब महाविकास अघाड़ी की सरकार थी, तब उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की थी। इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस मामले का जिक्र ठाणे के एक केस से जुड़ा हुआ है, जिसे सदन में उठाया गया था। अब एसआईटी इसकी तह तक जाकर यह पता लगाएगी कि किन लोगों ने यह साजिश रची थी और इसमें कौन-कौन शामिल थे।




