
भुवनेश्वर। ओडिशा में महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कांग्रेस का यह प्रदर्शन उनके 14 विधायकों के निलंबन के खिलाफ था। पार्टी का आरोप है कि उन्होंने विधानसभा में महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया था, जिसके बाद उन्हें सप्ताहभर के लिए निलंबित कर दिया गया। भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी स्क्वायर पर विरोध मार्च के दौरान स्थिति बिगड़ गई और इलाका युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया। गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर ईंट-पत्थर, अंडे, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियां भी फेंकी।
कांग्रेस कार्यकर्ता रूपादित्य महापात्रा ने कहा, ओडिशा में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। लगातार बलात्कार और हमले हो रहे हैं। हमने जब यह मुद्दा विधानसभा में उठाया तो हमारे विधायकों को निलंबित कर दिया गया। लेकिन हम सरकार को जवाब देने पर मजबूर करेंगे।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस झड़प में कई कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए। स्थिति को देखते हुए विधानसभा और आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा,हम महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा की मांग को लेकर सड़क पर हैं। सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी, वरना हमारा विरोध जारी रहेगा। हालांकि, इस हंगामे के बावजूद विधानसभा की कार्यवाही जारी रही।




