
उदयपुर, राजस्थान। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा योजना के मूल स्वरूप में बदलाव और बजट कटौती के विरोध में सोमवार को उदयपुर में कांग्रेस ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर उदयपुर देहात और शहर जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर विशाल धरना दिया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मनरेगा को उसके पुराने अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल करने की मांग की गई। धरना स्थल पर उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जानबूझकर मनरेगा को कमजोर और समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। मीणा ने कहा कि नए प्रावधानों में न तो काम की कानूनी गारंटी है और न ही न्यूनतम मजदूरी का अधिकार, वहीं राज्य सरकारों पर 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ डालकर योजना को ठप करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों से काम देने का अधिकार छीना जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ टूटने का खतरा है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के लिए आत्मसम्मान और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की इस कथित जनविरोधी नीति के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे और इसे सफल नहीं होने देंगे। धरना प्रदर्शन में मेवाड़ अंचल के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें मावली विधायक पुष्कर डांगी, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, महासचिव लाल सिंह झाला, पूर्व मंत्री डॉ. मांगी लाल गरासिया, राजस्थान इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली सहित कई वरिष्ठ नेता और विभिन्न ब्लॉक, महिला कांग्रेस के पदाधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव राजपुरोहित ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन दिनेश दवे ने किया। मीडिया प्रभारी दिनेश औदिच्य ने बताया कि प्रदर्शन के अंत में संभागीय आयुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया और कांग्रेस पार्टी गांव के गरीब और मजदूर की रोजी-रोटी से जुड़ी नीतियों के खिलाफ आगे भी आंदोलन को तेज करेगी।




