
मीरा–भाईंदर। मीरा भाईंदर महानगरपालिका के आयुक्त राधाबिनोद अ. शर्मा ने गुरुवार को उत्तन स्थित घनकचरा प्रक्रिया प्रकल्प का दौरा कर वहां संचालित बायोमाइनिंग प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान प्रकल्प में चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी पहलुओं, उपलब्ध मानव संसाधन तथा पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अपनाए जा रहे उपायों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के समय उपायुक्त डॉ. सचिन बांगर, शहर अभियंता दीपक खांबित, कार्यकारी अभियंता नितीन मुकणे, उप अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, घनकचरा प्रकल्प के कर्मचारी एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित थे। आयुक्त शर्मा ने बायोमाइनिंग प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 9 लाख मीट्रिक टन पुराने जमा कचरे के वैज्ञानिक वर्गीकरण, पुनः उपयोग योग्य सामग्री को अलग करने तथा कचरे के ढेरों से होने वाले पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने इस परियोजना से क्षेत्र में स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से होने वाले सकारात्मक प्रभावों पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों से चर्चा कर प्रकल्प में लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। वर्तमान में लगभग 10 हजार मीट्रिक टन पुराने कचरे पर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने बायोमाइनिंग कार्यों को और तेज़ी से आगे बढ़ाते हुए निर्धारित समयसीमा में सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा तथा पर्यावरणीय नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए। आयुक्त ने कहा कि उत्तन घनकचरा प्रकल्प में बायोमाइनिंग कार्यों का नियोजित अवधि में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे शहर में लंबे समय से जमा कचरे की समस्या का प्रभावी समाधान किया जा सके।




