
मीरा भाईंदर। मीरा भाईंदर महानगरपालिका ने हवाई गुणवत्ता और धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजन की। इस बैठक की अध्यक्षता महानगरपालिका के आयुक्त और प्रशासक राधाबिनोद शर्मा ने की, जिसमें शहर के निर्माण कार्यों और संयंत्रों से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि निर्माण स्थलों के चारों ओर कम से कम २५ फीट ऊंची टिन या धातु की शेड लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, निर्माण या तोड़फोड़ के दौरान इमारतों को हरियाली जालियों, तागे के कपड़ों या टाडपट्टियों से पूरी तरह ढकना जरूरी होगा। इसके अलावा, धूल को हवा में न फैलने देने के लिए स्थल पर नियमित पानी का छिड़काव करना और आधुनिक मशीनों जैसे मिस्ट स्प्रे मशीन और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। सामग्री जैसे रेत, सीमेंट और मलबा ले जाने वाली वाहनों को पूरी तरह से ढकने और उनके स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। वाहनों की सफाई के बाद ही उन्हें ड्राइव पर उतरने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही, प्रभागवार सहाय्यक आयुक्तों को अपने क्षेत्र में आर.एम.सी. प्लांट्स की जानकारी संकलित कर निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया गया है। यदि नियमों का उल्लंघन किया गया, तो संबंधित निर्माणकर्ता और प्लांट संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य न केवल हवाई गुणवत्ता में सुधार करना है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की भी रक्षा करना है। महानगरपालिका का मानना है कि सभी शहरवासी और विकासकर्ता मिलकर ही पर्यावरण-स्नेही शहर का निर्माण कर सकते हैं।




