
मुंबई। महाविद्यालयों में विभिन्न नामों से वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्कों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने कदम उठाए हैं। अब शुल्क नियामक प्राधिकरण द्वारा ट्यूशन फीस के साथ-साथ अन्य शुल्कों की भी निगरानी की जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दी। विधानसभा में यह मुद्दा तब उठा जब विधायक असलम शेख ने जळगांव जिले के भुसावल स्थित पी. के. कोटेचा महिला कॉलेज में छात्राओं से अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने का मामला उठाया। मंत्री पाटिल ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा की गई जांच में कॉलेज द्वारा वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस ले ली गई है और संस्थान पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह जुर्माना विद्यार्थियों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ महाविद्यालय ‘पावर चार्जिंग’, ‘कंप्यूटर लैब’ आदि के नाम पर अलग-अलग शुल्क वसूल रहे थे। इस पृष्ठभूमि में विद्यार्थियों से वसूले जाने वाले विभिन्न प्रकार के शुल्कों पर नियंत्रण रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री पाटिल ने कहा कि आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स पाठ्यक्रमों की ट्यूशन फीस पहले से ही बहुत कम है और निर्धारित आय सीमा से कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को फीस में रियायत भी दी जाती है। लेकिन कई महाविद्यालय ‘अन्य फीस’ के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूलते हैं, इसलिए अब इन अतिरिक्त शुल्कों को भी नियमन के दायरे में लाया जाएगा।



