Saturday, March 21, 2026
Google search engine
HomeUncategorizedविदेश मंत्रालय का स्पष्ट संदेश: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान को मिला करारा...

विदेश मंत्रालय का स्पष्ट संदेश: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान को मिला करारा जवाब, बातचीत केवल POK पर

नई दिल्ली। भारत सरकार ने एक बार फिर पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के बीच अब केवल एक ही मुद्दा चर्चा के योग्य है। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) को खाली कराना। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा, “जम्मू-कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय रूप से सुलझाना होगा। यह हमारा लंबे समय से राष्ट्रीय रुख है। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। फिलहाल एक ही लंबित मामला है, और वह है पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली कराना।”
सिंधु जल संधि पर भी सख्त रुख
जायसवाल ने आगे कहा कि सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन छोड़ने को लेकर “विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय” कदम नहीं उठाता। उन्होंने कहा, “यह संधि सौहार्द और मित्रता की भावना से की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देकर इस भावना का उल्लंघन किया है।”
अमेरिका से नहीं हुई व्यापार की कोई बातचीत
7 मई से शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने तक भारत और अमेरिका के नेताओं के बीच उभरते हालात पर चर्चा होती रही, लेकिन प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया कि इन चर्चाओं में व्यापार से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं उठा।
पाकिस्तान को सख्त चेतावनी
प्रवक्ता ने पाकिस्तान द्वारा जारी बयानों को “गैर-ज़िम्मेदाराना” करार देते हुए कहा, “एक ऐसा देश जिसने औद्योगिक पैमाने पर आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, यह सोचे कि वह इसके परिणामों से बच सकता है — यह खुद को ही धोखा देना है। भारत ने जिन आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया, वे न केवल भारतीय नागरिकों, बल्कि दुनिया भर के निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार थे। अब एक नया सामान्य स्थापित हो गया है — पाकिस्तान जितनी जल्दी इसे स्वीकार करेगा, उतना ही उसके लिए बेहतर होगा।भारत का रुख अब स्पष्ट है- आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस, और पाकिस्तान से किसी भी बातचीत की शर्त सिर्फ एक: अवैध कब्जा छोड़ा जाए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments