
मुंबई। राज्यभर में नागरिकों से अपील की गई है कि वे नागरी संरक्षण दल (Civil Defence) में स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय रूप से भाग लें। विशेष रूप से पुलिस विभाग से जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारी, पुलिस बॉयज, पुलिसकर्मियों के परिजन एवं पूर्व सैनिकों को इस अभियान में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है। नागरी संरक्षण अधिनियम, 1968 के अंतर्गत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे सभी भारतीय नागरिक, जिन्होंने कम से कम प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की हो, वे नागरी संरक्षण स्वयंसेवक के रूप में सेवा देने के पात्र हैं। इसके लिए आवश्यक है कि आवेदक भारतीय नागरिक हो, उसका पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र स्पष्ट (निर्दोष) हो तथा वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी सोसायटी, विभाग या संस्था में स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण करें और आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करें। इसके साथ ही नागरी संरक्षण अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से समय-समय पर मॉकड्रिल्स आयोजित की जाएं ताकि आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक सहायता की तैयारियां सुदृढ़ की जा सकें। विभाग ने यह भी अपील की है कि स्थानीय डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवरों को भी नागरी संरक्षण दल में पंजीकृत कर प्रशिक्षण दिलाया जाए। साथ ही कॉलेज के विद्यार्थी, सोसायटी के सुरक्षा रक्षक और अन्य नागरिक भी मानद रूप से इस महत्वपूर्ण सेवा में भाग लें। यह अपील नागरी संरक्षण विभाग द्वारा जारी की गई है, ताकि आपदा की स्थिति में नागरिक स्वयंसहायता की भूमिका निभा सकें और प्रशासनिक यंत्रणाओं को सहयोग प्रदान कर सकें।



