
नवी मुंबई। खारघर में सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिडको) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी 100वीं कार्रवाई करते हुए एक अनधिकृत इमारत को ध्वस्त कर दिया। यह इमारत पहले 2015-16 में सिडको की कार्रवाई का सामना कर चुकी थी, जिसके बाद छह साल तक यह जमीन खाली पड़ी रही। हालांकि, जब सिडको भूखंड पर कब्जा करने में विफल रहा, तो दो साल पहले एक नए बिल्डर ने साइट पर पुनर्निर्माण किया और कई फ्लैट बेच दिए। मूल और नए बिल्डर के बीच विवाद बढ़ने के बाद मामला राज्य मंत्रालय तक पहुंचा, जिसके बाद सिडको को हस्तक्षेप करना पड़ा। सिडको के मुख्य सतर्कता अधिकारी सुरेश मेंगडिया, 40 से अधिक पुलिसकर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों और सैकड़ों श्रमिकों की मौजूदगी में इस इमारत को गिराया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सिडको की अतिक्रमण नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोगों ने पूछा कि अगर सिडको ने अवैध निर्माण हटाने के बाद जमीन को अपने नियंत्रण में नहीं लिया, तो अपराध दोबारा क्यों हुआ? सिडकोअधिकारियों ने नागरिकों से धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों के झांसे में न आने की अपील की है। मुख्य सतर्कता अधिकारी मेंगडिया ने कहा, “अवैध निर्माणों के खिलाफ हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। खारघर में यह 100वीं तोड़फोड़ थी। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।”