
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की मजबूती की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने बैठक के बाद कहा कि भारत और चीन अपने आपसी हितों और सम्मान के आधार पर लगातार प्रगति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “पिछले साल रूस के कजान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मेरी मुलाकात के बाद भारत-चीन संबंधों ने परस्पर सम्मान और हितों के आधार पर निरंतर प्रगति की है।” मुलाकात के दौरान वांग यी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग का व्यक्तिगत संदेश और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन का औपचारिक निमंत्रण प्रधानमंत्री मोदी को सौंपा। इससे पहले चीनी विदेश मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से भी मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बातचीत में सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सीमा विवाद का समाधान न्यायसंगत, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत इस दिशा में अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को चीन का दौरा करेंगे। वे शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह 2018 के बाद उनका पहला चीन दौरा होगा। पिछले साल रूस के कजान में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। उस समय मोदी ने कहा था कि सीमा पर शांति और सौहार्द दोनों देशों के संबंधों की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत और चीन के बीच स्थिर, पूर्वानुमेय और रचनात्मक संबंध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्व की शांति और समृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।




