
छत्रपति शिवरायों के मार्ग पर चलना ही विकास का सच्चा मार्ग- देवेंद्र फडणवीस
पुणे। छत्रपति शिवरायों द्वारा दिखाया गया मार्ग ही सर्वांगीण विकास का मार्ग है। उनके कार्य का आदर्श विश्व के सामने रखने के लिए वर्ष 2030 में छत्रपति शिवाजी महाराज की 400वीं जयंती भव्य और वैश्विक स्तर पर मनाई जाएगी। यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किले शिवनेरी किला पर आयोजित शिवजन्मोत्सव समारोह में किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री एवं जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार, सांस्कृतिक कार्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशिष शेलार, विधायक शरद सोनवणे, पूर्व विधायक अतुल बेनके, विशेष पुलिस महानिरीक्षक सुनील फुलारी, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रकांत वाघमारे, जिला पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल्ल, उपवनसंरक्षक आशिष ठाकरे, अभिनेता रितेश देशमुख, मराठा सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष विजय घोगरे सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि छत्रपति शिवाजी महाराज न होते तो आज भारत का इतिहास और भूगोल भिन्न होता। माता जिजाऊ के संस्कारों से प्रेरित होकर उन्होंने ‘रयते का स्वराज्य’ स्थापित किया और 18 पगड जातियों के मावलों को एकत्र कर समता, न्याय, सम्मान और महिला सुरक्षा पर आधारित शासन व्यवस्था खड़ी की। किसानों को संतुष्ट रखने और अन्याय-अत्याचार रोकने के लिए सुदृढ़ प्रशासन प्रणाली विकसित की गई। उन्होंने बताया कि शिवाजी महाराज ने लगभग 50 प्रकार के कर समाप्त कर सरल कर व्यवस्था लागू की, जल और वन संसाधनों का सुनियोजित प्रबंधन किया तथा समुद्री सुरक्षा के लिए जलदुर्गों का निर्माण कराया। पुर्तगालियों पर विजय प्राप्त कर पश्चिमी तट को सुरक्षित किया गया, जिसके कारण उनके शासनकाल में समुद्री मार्ग से आक्रमण का साहस किसी ने नहीं किया। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शिवनेरी सहित शिवाजी महाराज से जुड़े 12 किलों को विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामांकित किया गया है और 27 देशों ने सर्वसम्मति से इसे मान्यता दी है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार ने संबंधित प्रमाणपत्र स्वीकार किया। राज्य सरकार ने सभी गढ़-किलों को अतिक्रमणमुक्त करने का निर्णय भी लिया है।
शिवरायों के विचारों पर चलकर सशक्त महाराष्ट्र का निर्माण – एकनाथ शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवाजी महाराज युगपुरुष थे और उनका स्वराज्य आज भी सुशासन की प्रेरणा देता है। उन्होंने जल प्रबंधन, अर्थनीति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर चार सौ वर्ष पूर्व लागू की गई नीतियों का उल्लेख किया तथा राज्य के गढ़-किलों के संरक्षण को तेज गति से आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
शिवनेरी प्रेरणास्थली – सुनेत्रा पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि शिवनेरी केवल ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि विचार और कर्म की प्रेरणास्थली है। उन्होंने ‘किले शिवनेरी विकास आराखड़ा’ के तहत क्षेत्र के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने की जानकारी दी। जुन्नर तालुका को पर्यटन तालुका के रूप में विकसित करने का संकल्प भी व्यक्त किया गया। समारोह की शुरुआत पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं द्वारा शिवरायों की महिमा का पाळणा गाकर हुई। पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान और ‘गरजा महाराष्ट्र माझा’ की धुन प्रस्तुत की तथा तीन बंदूक सलामी दी गई। विद्यार्थियों ने शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने बाल शिवाजी व माता जिजाऊ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा पालखी निकाली। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए कई व्यक्तियों को ‘शिवनेर भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे।




