
गडचिरोली को महाराष्ट्र का नंबर वन जिला बनाएंगे: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
गडचिरोली। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गडचिरोली को ‘स्टील हब ऑफ इंडिया’ बनाने की दिशा में हो रही ठोस प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि लोहे पर आधारित उद्योगों से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है और आने वाले वर्षों में यहां प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कोनसरी में लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड (एलएमईएल) की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन व भूमिपूजन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह गडचिरोली को औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने का निर्णायक कदम है। उद्घाटन परियोजनाओं में हेडरी स्थित 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता का आयरन ओर ग्राइंडिंग प्लांट, हेडरी से कोनसरी तक 85 किमी लंबी 10 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता की स्लरी पाइपलाइन और कोनसरी में 4 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता का पेलेट प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं, भूमिपूजन की गई परियोजनाओं में 4.5 मिलियन टन क्षमता वाला एकीकृत स्टील प्रोजेक्ट, 100 बेड का अस्पताल, सीबीएसई स्कूल और सोमनपल्ली में कर्मचारियों की रिहायशी कॉलोनी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2016 से तमाम चुनौतियों के बावजूद लौह खनन की शुरुआत हुई और अब तक 14,000 स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। ‘ग्रीन गडचिरोली’ की परिकल्पना के तहत 80 किमी की स्लरी पाइपलाइन से 55% प्रदूषण घटेगा, जो महाराष्ट्र की पहली और देश की चौथी ऐसी परियोजना है। पर्यावरण संरक्षण के तहत दो वर्षों में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को जिले में ही सुलभ बनाने की योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी स्थानीय नागरिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने माओवादी हिंसा में कमी आने का जिक्र करते हुए युवाओं से मुख्यधारा में आने का आह्वान किया और अफवाहों से सावधान रहने की चेतावनी दी। इस अवसर पर सहपालकमंत्री ॲड. आशिष जयस्वाल, लॉयड्स मेटल्स के एमडी बी. प्रभाकरन, सांसद, विधायक, अधिकारी व नागरिक उपस्थित रहे।




