Thursday, March 19, 2026
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विश्व बाघ दिवस पर मुख्यमंत्री फडणवीस का बड़ा ऐलान: महाराष्ट्र में बाघ संरक्षण बनेगा वैश्विक आदर्श, नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई नीति लाने की घोषणा

मुंबई। महाराष्ट्र में बाघ संरक्षण की दिशा में हो रहे प्रयासों को देशभर में सराहना मिल रही है और यह एक आदर्श मॉडल बनकर उभर रहा है। विश्व बाघ दिवस (29 जुलाई) के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया कि आने वाले समय में बाघ संरक्षण में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक नई नीति तैयार की जाएगी, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और जैव विविधता को सशक्त बनाएगी। मुख्यमंत्री फडणवीस यह बात महाराष्ट्र वन विभाग और एशियाटिक बिग कैट सोसाइटी द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कह रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ‘वाइल्ड ताडोबा’ वृत्तचित्र का विमोचन किया, जो ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व की जैव विविधता, सौंदर्य और संरक्षण कार्यों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा। उन्होंने वृत्तचित्र निर्माता सुब्बिया नल्लमुथु को वन्यजीव संरक्षण के लिए दिए गए एशियाटिक बिग कैट सोसाइटी राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से भी सम्मानित किया।
ताडोबा बना अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि ताडोबा अब सिर्फ महाराष्ट्र या भारत तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव पर्यटन और संरक्षण का आकर्षण बन चुका है। उन्होंने कहा, “बाघों की बढ़ती संख्या ने न केवल जैविक विविधता को समृद्ध किया है, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और क्षेत्र को आर्थिक प्रगति के अवसर दिए हैं।
वन पर्यटन के ज़रिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल
मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण अब केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में उन ज़मीनों का अधिग्रहण किया जाएगा, जो कृषि के लायक नहीं हैं, और उन पर वन आधारित रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोग भी सीधे संरक्षण से जुड़ सकें।
वन विभाग को सराहना और समाधान का भरोसा
मुख्यमंत्री ने वन विभाग की योजनाबद्ध कार्यप्रणाली और समर्पण की सराहना की, जिसके कारण महाराष्ट्र देश में बाघों की संख्या बढ़ाने में अग्रणी राज्य बन सका है। उन्होंने घोषणा की कि वन विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एक अलग उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी, क्योंकि उनकी सुरक्षा और सुविधा के बिना संरक्षण अधूरा है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर, वन संरक्षक शोमिता बिस्वास, श्रीनिवास राव, श्रीनिवास रेड्डी, डॉ. अजय पाटिल (एशियाटिक बिग कैट सोसाइटी) और वृत्तचित्र की निर्माता प्रगति पाटिल शामिल थे। डॉ. अजय पाटिल ने विभाग के कार्यों की जानकारी देते हुए वन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग भी दोहराई। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि यह मुद्दा प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।

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