आत्मनिर्भर नारी शक्ति की प्रेरणादायक मिसाल बनी चंद्रकांति नागे
सुनील चिंचोलकर
चारामा, कांकेर। न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित भारत माता थीम प्रतियोगिता का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस गरिमामय प्रतियोगिता में चंद्रकांति नागे ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा के साथ-साथ नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश प्रस्तुत किया।
चंद्रकांति नागे एक आत्मनिर्भर, परिश्रमी एवं समाज के प्रति समर्पित महिला हैं। उन्होंने अपने कौशल, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनकी भारत माता की रचना में देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और नारी सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से झलकती दिखाई दी, जिसे निर्णायक मंडल एवं उपस्थित दर्शकों ने अत्यंत सराहा। वे केवल प्रतियोगिता की विजेता ही नहीं, बल्कि न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, समाज से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने तथा सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने के लिए उनके प्रयास सराहनीय रहे हैं। फाउंडेशन के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता प्रेरणास्रोत बनी हुई है। अपने कार्यक्षेत्र में चंद्रकांति नागे ने अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका मानना है कि जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो वह पूरे परिवार और समाज को सशक्त बनाती है — यही विचारधारा उनके हर कार्य में दिखाई देती है। न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन द्वारा उन्हें प्रथम स्थान से सम्मानित किया जाना उनकी मेहनत, प्रतिभा और सामाजिक योगदान का प्रतीक है। उनकी यह सफलता उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करना चाहती हैं।





