Monday, January 12, 2026
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चंडीगढ़ पुलिस ने नकली नोट छापने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार, 7.17 लाख की फर्जी करेंसी बरामद

चंडीगढ़। शुक्रवार को चंडीगढ़ पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा छापने और उसे बाजार में खपाने वाले एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 7 लाख 17 हजार 400 रुपये की नकली भारतीय करेंसी (1777 नोट) के साथ-साथ प्रिंटर, इंक, कटर, पेपर और अन्य कच्चा माल भी बरामद किया है। डीएसपी क्राइम धीरज कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अब तक करोड़ों रुपये की फर्जी करेंसी बाजार में सर्कुलेट कर चुका है। पुलिस के अनुसार, यह एक मल्टी-स्टेट नेटवर्क है, जिसकी गतिविधियां हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड तक फैली हुई थीं। मामले का खुलासा सेक्टर-43 बस स्टैंड से अविनाश नामक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हुआ, जो जम्मू का रहने वाला है और सेक्टर-52 के एक पीजी में ठहरा हुआ था। उसके कमरे से करीब 1.01 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई। पूछताछ में दिल्ली निवासी उसके साथी सत्यम का नाम सामने आया, जिसके बाद चंडीगढ़ में की गई छापेमारी में 4.76 लाख रुपये की फर्जी मुद्रा मिली। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक पहुंची, जहां संदीप नामक आरोपी को सप्लायर के रूप में पकड़ा गया, जिसके पास से नकली नोट छापने का सारा कच्चा माल और करीब 10 हजार रुपये की फेक करेंसी बरामद हुई। इसके बाद उत्तराखंड के देहरादून और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में छापेमारी कर अब्दुल्ला और शहजाद को गिरफ्तार किया गया, जो इन नोटों को आगे सर्कुलेट कर रहे थे; इनके पास से 1.10 लाख रुपये की नकली मुद्रा मिली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बने ग्रुप्स के जरिए आपस में संपर्क करते थे, सैंपल नोट भेजकर डील तय की जाती थी और 1:3 या 1:4 के अनुपात में नकली और असली करेंसी का लेनदेन किया जाता था। बरामद सभी नोट लो-क्वालिटी के हैं, जिनमें असली करेंसी के कई सुरक्षा फीचर मौजूद नहीं थे। पूछताछ में आरोपियों ने करीब 20 लाख रुपये की नकली करेंसी बाजार में खपाने की बात कबूली है, जबकि पुलिस का अनुमान है कि यह आंकड़ा 40 लाख रुपये तक हो सकता है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह फर्जी मुद्रा किन-किन इलाकों में सप्लाई की गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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