
मुंबई। महाराष्ट्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, गतिशील और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा और राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर के बीच शनिवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और रोगी-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं सहज रूप से उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिला अस्पताल में जनऔषधि केंद्रों और अमृत फार्मेसी के नेटवर्क का विस्तार किया जाए। इससे मरीजों पर दवाओं के खर्च का बोझ कम होने की उम्मीद है। क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला और तालुका स्तर पर मिशन मोड में विशेष रणनीति अपनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत जांच अभियानों को व्यापक बनाने, उपचार की निरंतरता बनाए रखने, मरीजों को पोषण सहायता देने तथा ‘निक्षय मित्र’ के माध्यम से फूड बास्केट उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। टीबी मरीजों की एक्स-रे जांच बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र को 96 अतिरिक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें प्रदान की जाएंगी। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही योजनाओं को गति देने और एक सक्षम, भरोसेमंद तथा जनहितैषी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया गया। महाराष्ट्र की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य सचिव ई. रविंद्रन और स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. नितीन अंबाडेकर भी उपस्थित थे।




