
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने टेंडर प्रक्रिया तेज़ करने के दिए निर्देश
मुंबई। राज्य के परिवहन मंत्री और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के चेयरमैन प्रताप सरनाईक ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि चल रही टेंडर प्रक्रिया को तुरंत तेज़ किया जाए, ताकि 2026 के अंत तक एसटी बेड़े में 8,000 नई बसें शामिल की जा सकें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये निर्देश एमएसआरटीसी के 2025-26 के बजट की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में सरनाइक ने विभिन्न विभागों में काम की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराज़गी जताई और कहा कि प्रशासनिक सुस्ती का सीधा असर राज्य भर के यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। परिवहन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमएसआरटीसी के लिए 2,460 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हालांकि, वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में अब केवल तीन महीने शेष हैं और करीब 1,600 करोड़ रुपये के खर्च न हो पाने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि यह धन जनता के टैक्स से आता है और इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधाओं में सुधार करना है। सरनाइक ने कहा कि यह राशि नई बसों की खरीद, बस स्टेशनों के निर्माण व उन्नयन, मरम्मत, नवीनीकरण और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए है, लेकिन बस खरीद और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े टेंडर पिछले करीब नौ महीनों से लंबित पड़े हैं। इससे न केवल परियोजनाओं में देरी हो रही है, बल्कि बजट का प्रभावी उपयोग भी नहीं हो पा रहा है। देरी के लिए अक्षम अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि शेष तीन महीनों के भीतर सभी लंबित टेंडर और प्रशासनिक स्वीकृतियां पूरी की जाएं। उन्होंने नए बसों, आधुनिक बस स्टेशनों, यात्री सुविधाओं और सार्वजनिक शौचालयों सहित इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए उपलब्ध धन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रियों का आराम और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और एमएसआरटीसी के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज़ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हों और राज्य के लाखों यात्रियों को बिना देरी के ठोस और दिखाई देने वाले सुधार मिल सकें।




