
मुंबई। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइज़ेशन (पीईएसओ) के एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में जांच शुरू की है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने बिचौलियों के ज़रिए शॉट फायर सर्टिफिकेशन परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से अवैध रिश्वत वसूली। सीबीआई के अनुसार, पीईएसओ शॉट फायरर परीक्षा आयोजित करता है, जो विस्फोटक सामग्री को संभालने और ऑपरेट करने वाले व्यक्तियों के लिए अनिवार्य सर्टिफिकेशन टेस्ट है। इस परीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि उम्मीदवार खनन, पत्थर खदानों और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से संभालने, लोड करने, फायर करने और स्टोर करने में सक्षम हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि 6 अक्टूबर 2025 को पीईएसओ द्वारा शॉट फायरर परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके दो दिन बाद, 8 अक्टूबर को नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर में तैनात आरोपी पीईएसओ अधिकारी ने एक स्थानीय पीईएसओ कंसल्टेंट से संपर्क कर उन उम्मीदवारों की सूची मांगी, जो उसकी पसंद के थे और परीक्षा में शामिल हुए थे। कंसल्टेंट ने छह उम्मीदवारों के नाम दिए। सूत्रों के हवाले से सीबीआई ने बताया कि आरोपी अधिकारी ने कंसल्टेंट को यह भी बताया कि उसने पसंदीदा उम्मीदवारों की सूची अपने वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दी है। इसके बाद कंसल्टेंट ने अनुरोध किया कि प्रति उम्मीदवार 40 हजार रुपये की जगह 30 हजार रुपये लिए जाएं, जिस पर आरोपी अधिकारी ने सहमति जता दी। सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि अक्टूबर और नवंबर 2024 के दौरान आरोपी पीईएसओ अधिकारी ने एक बिचौलिए के माध्यम से अपने एक रिश्तेदार के बैंक खाते में लगभग 75 हजार रुपये की रिश्वत मंगवाई थी। इस आधार पर सीबीआई ने पीईएसओ अधिकारी, उसके रिश्तेदार, एक पीईएसओ कंसल्टेंट और एक बिचौलिए के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, सरकारी कर्मचारी को रिश्वत देने और लेने, भ्रष्ट और अवैध तरीकों से अनुचित लाभ हासिल करने, सरकारी कर्मचारी को प्रभावित करने के लिए व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल करने और इससे जुड़े अन्य अपराधों की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।




