
मुंबई। अभिनेता और रियलिटी शो होस्ट एजाज खान द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला एक संघर्षरत अभिनेत्री द्वारा दर्ज कराए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि खान ने शादी और फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के झूठे वादे कर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। चारकोप पुलिस स्टेशन में इस महीने की शुरुआत में आईपीसी की धारा 376 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 4 और 24 अप्रैल को एजाज खान ने दो बार उसके साथ बिना स्वतंत्र और स्पष्ट सहमति के यौन संबंध बनाए।अवकाशकालीन न्यायमूर्ति श्याम चांडक ने 22 मई को अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए राज्य सरकार को 2 जून तक अपना जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया। याचिका पर अगली सुनवाई 2 जून को होनी है। एजाज खान ने हाईकोर्ट में यह याचिका डिंडोशी सत्र न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के बाद दाखिल की। सत्र अदालत ने यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था कि “रिकॉर्ड से स्पष्ट होता है कि आवेदक विवाहित है और पीड़िता एक संघर्षरत अभिनेत्री है। हालांकि वह बालिग है, लेकिन कथित सहमति कानून की दृष्टि से स्वतंत्र नहीं मानी जा सकती। सत्र न्यायालय ने यह भी कहा कि इस मामले में जांच के लिए खान की हिरासत आवश्यक है, जिससे मेडिकल जांच, मोबाइल फोन की बरामदगी, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और आवाज़ के नमूने जैसे डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा सकें। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एजाज खान ने एक सेलिब्रिटी और टीवी शो होस्ट के रूप में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पहले उसका विश्वास जीता, फिर भावनात्मक और पेशेवर दबाव डालते हुए शारीरिक संबंध बनाए। उसने यह भी आरोप लगाया कि खान ने शादी का झूठा आश्वासन और फिल्मी करियर में मदद का लालच देकर यौन शोषण किया। दूसरी ओर, एजाज खान ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया है कि उनका रिश्ता सहमति से था और शिकायतकर्ता को उनकी वैवाहिक स्थिति की पूरी जानकारी थी। उन्होंने दावा किया कि महिला ने कथित रूप से केस वापस लेने के लिए पैसों की मांग भी की थी और उन्होंने इसके समर्थन में व्हाट्सएप चैट और ऑडियो मैसेज कोर्ट में पेश किए हैं।




