
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने 4 अप्रैल 2025 से शहर में तैनात सभी क्लीन-अप मार्शलों की नियुक्ति समाप्त करने की घोषणा की है। यह निर्णय स्वच्छ मुंबई अभियान के तहत काम कर रहे इन मार्शलों के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है। शुक्रवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में, बीएमसी ने कहा मुंबई में सफाई बनाए रखने के लिए तैनात क्लीन-अप मार्शलों की सेवाएं 4 अप्रैल 2025 से प्रभावी रूप से समाप्त की जा रही हैं। यदि इस तारीख के बाद कोई भी मार्शल जुर्माना लगाने का प्रयास करता है, तो नागरिकों को तुरंत संबंधित प्रशासनिक वार्ड कार्यालय को इसकी सूचना देनी चाहिए।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
बीएमसी के इस फैसले का मुख्य कारण मार्शलों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतें हैं। इन मार्शलों को सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, शौच करने और कचरा फैलाने जैसी गतिविधियों पर जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया था। लेकिन इन पर जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे।
भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए नई पहल
बीएमसी ने पहले भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक मोबाइल ऐप पेश किया था, जिससे मार्शलों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जुर्माना रसीदें जारी करने की सुविधा मिलती थी। हालांकि, नागरिकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए, प्रशासन ने अंततः इनकी सेवाएं समाप्त करने का फैसला किया। बीएमसी ने मुंबईकरों से अपील की है कि वे स्वच्छता नियमों का पालन करें और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाए रखने में सहयोग करें।
समाप्त हो रहा था अनुबंध
बीएमसी के क्लीन-अप मार्शलों का एक साल का अनुबंध 5 अप्रैल 2025 को समाप्त होने वाला था। ऐसे में, नगर निगम ने इसे आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया। बीएमसी की घोषणा के बाद, सोशल मीडिया पर कई नागरिकों ने इस फैसले की सराहना की। कई लोगों ने मार्शलों द्वारा की जा रही जबरन वसूली पर नाराजगी जताई थी और उनकी नियुक्ति को समाप्त करने की मांग की थी।




