
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने शहर में सड़क कंक्रीटीकरण परियोजनाओं में देरी और घटिया गुणवत्ता पर गंभीर रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदारों और रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्रों पर भारी जुर्माना और प्रतिबंध लगाए हैं। आरे कॉलोनी में सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार एक ठेकेदार पर 5 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया है और उसे दो साल के लिए बीएमसी की किसी भी निविदा में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही, स्लंप परीक्षणों में गुणवत्ता विफलता के कारण दो आरएमसी संयंत्रों पर 20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया है और छह महीने के लिए उनकी कंक्रीट आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। बीएमसी आयुक्त और प्रशासक भूषण गगरानी ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीएमसी ने सड़क कार्यों को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए एक माइक्रो-प्लानिंग रणनीति लागू की है। प्रत्येक परियोजना के लिए समय-सीमा तय की गई है और फील्ड इंजीनियरों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
‘एम-ईस्ट’ वार्ड के डॉ. नीतू मांडके मार्ग पर निरीक्षण के दौरान आरएमसी प्लांट और साइट पर स्लंप वैल्यू (160 मिमी बनाम 170 मिमी) में अंतर पाए जाने पर कंक्रीट मिक्स को खारिज कर दिया गया और 20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह ‘बी’ वार्ड में जेल रोड पर 1 अप्रैल को निरीक्षण में भी गुणवत्ता में कमी पाई गई, जिसके कारण संबंधित प्लांट पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया गया। अतिरिक्त बीएमसीआयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा, गुणवत्ता के मामले में शून्य सहनशीलता बरती जाएगी। दोषी पाए गए ठेकेदारों को कड़ी सजा दी जाएगी। बीएमसी ने कंक्रीट की गुणवत्ता और मानकों के अनुपालन की निगरानी के लिए आरएमसी प्लांट और निर्माण स्थलों पर अनिवार्य स्लंप परीक्षण जारी रखने का निर्णय लिया है।




