
मुंबई। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने शहरभर में 50 दिनों की गहन गाद हटाने की योजना शुरू की है, जिसकी समय-सीमा 31 मई 2025 तय की गई है। बीएमसी आयुक्त और प्रशासक भूषण गगरानी ने 11 अप्रैल को आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नाले-वार और दिन-वार कार्य योजना बनाएं, जिसमें मुंबई शहर, पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के साथ-साथ मीठी नदी और प्रमुख तूफानी नालों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। गगरानी ने नागरिक इंजीनियरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गाद हटाने के कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और उप व सहायक आयुक्तों के साथ समन्वय बनाए रखें। बैठक में अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर, उपायुक्त (बुनियादी ढांचा) शशांक भोरे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गगरानी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों की 100 मीटर की परिधि में विशेष निगरानी व सफाई होनी चाहिए, मोबाइल पंप स्टैंडबाय पर रखे जाएं और पंप स्टेशनों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती हो ताकि बारिश के दौरान किसी भी तरह के ब्रेकडाउन से बचा जा सके। खराब पंप उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। उन्होंने 15 मई के बाद नालों में बार-बार तैरते ठोस कचरे की सफाई के निर्देश दिए और इसके स्रोत की पहचान कर समाधान निकालने को कहा। गगरानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष समय का उपयोग रणनीतिक ढंग से किया जाए, छोटे-छोटे काम शीघ्र पूरे किए जाएं ताकि संसाधनों का उपयोग बाढ़-संवेदनशील क्षेत्रों पर किया जा सके। उन्होंने कहा, “हमारा अंतिम लक्ष्य इस मानसून में किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि को रोकना है।” उन्होंने सभी अधिकारियों से भारी बारिश की भविष्यवाणी के दौरान अपने पदों पर उपस्थित रहने और अन्य नागरिक व राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए।




