
वी बी माणिक
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 2025–26 के लिए पूरी तरह तैयार है। यह घोषणा मनपा आयुक्त भूषण गगरानी ने सोमवार को मनपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में की। उन्होंने बताया कि इस बार बीएमसी के सभी 227 वार्डों में चुनाव कराए जाएंगे, जिनके लिए प्रशासनिक, सुरक्षा और मतदाता सुविधाओं से जुड़े व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। मनपा आयुक्त ने जानकारी दी कि कुल 227 वार्डों में से 149 सामान्य वर्ग के लिए हैं, जिनमें 74 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लिए 15 सीटें (जिसमें 8 महिला), अनुसूचित जनजाति के लिए 2 सीटें, और मांगास वर्ग के लिए 61 सीटें (जिसमें 31 महिला) आरक्षित की गई हैं। इस चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315 है। उम्मीदवारों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस बार कुल 1,700 अधिकृत उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 822 पुरुष और 878 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि इस बार महिला उम्मीदवारों की संख्या पुरुषों से अधिक है। मतदान के लिए कुल 10,231 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों पर पीने के पानी, प्रतीक्षा गृह, स्वच्छता गृह और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए आने-जाने की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर पहले मतदान करने की सुविधा दी जाएगी। मतदान के दिन 4,500 स्वयंसेवकों की भी नियुक्ति की गई है, जो वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं की सहायता करेंगे। कानून-व्यवस्था को लेकर आयुक्त ने बताया कि अब तक 13 दखलपात्र और 16 अदखलपात्र अपराध दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 36 अग्निशस्त्र, 115 धारदार हथियार और 52 विस्फोटक सामग्री (दरुगोला) जब्त की गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत 2,450 मामलों में कार्रवाई की गई है। इस दौरान 51 घोषित अपराधी और 73 फरार आरोपी चिन्हित किए गए हैं, जिनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। आचार संहिता के दौरान अब तक 3 करोड़ 10 लाख 17 हजार 20 रुपये नकद जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही 1,237 लीटर नशीले पदार्थ (अनुमानित कीमत 8 लाख 3 हजार रुपये) और 55 किलोग्राम मादक पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है, भी पकड़े गए हैं। इन मामलों में आगे की कार्रवाई पुलिस विभाग द्वारा की जाएगी। पत्रकारों के सवालों के दौरान अतिरिक्त जानकारी देने से प्रशासन ने परहेज़ किया। हालांकि पत्रकार परिषद के दौरान यह भी देखने को मिला कि सहायक जनसंपर्क अधिकारी किरण कारंडे बार-बार प्रतिवाद करते नजर आए। इस दौरान जनसंपर्क विभाग की मनमानी और लापरवाही पर सवाल उठे, जिसमें तानाजी कांबले और किरण कारंडे की कार्यशैली को लेकर पत्रकारों में असंतोष भी देखा गया।




