Wednesday, March 25, 2026
Google search engine
HomeCrimeपाखंडी 'ज्योतिषी बाबा' का काला साम्राज्य: 1500 करोड़ की दौलत और 100...

पाखंडी ‘ज्योतिषी बाबा’ का काला साम्राज्य: 1500 करोड़ की दौलत और 100 अश्लील वीडियो बरामद!

मुंबई (इंद्र यादव)। नासिक के सिन्नर से सामने आई ‘ज्योतिषी बाबा’ अशोक खरात की करतूतों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक समाज ‘चमत्कारों’ और ‘भविष्यवाणियों’ के नाम पर अपनी गरिमा और सुरक्षा को दांव पर लगाता रहेगा? 1,500 करोड़ की संपत्ति और 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो का मिलना इस बात का प्रमाण है कि यह केवल एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक वैचारिक विफलता है।अंधविश्वास: शोषण का सबसे आसान हथियारअशोक खरात जैसे अपराधी जानते हैं कि भारतीय समाज में ‘ज्योतिष’ और ‘धर्म’ के प्रति एक अटूट श्रद्धा है। वह महिलाओं की मजबूरी—जैसे घरेलू कलह, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या पुनर्विवाह की इच्छा—का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बनाता था।सीख: किसी भी आध्यात्मिक गुरु या ज्योतिषी के पास जाना आपकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति उपचार या समाधान के नाम पर एकांत, शारीरिक स्पर्श या अनुचित मांग करे, तो वह धर्म नहीं, अपराध है।रसूख का संरक्षण और अपराधी का मनोबलरिपोर्ट्स के अनुसार, खरात के दरबार में सालों से राजनेताओं और प्रभावशाली लोगों का आना-जाना था। जब अपराधियों को राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण मिलता है, तो उनका डर खत्म हो जाता है।सामाजिक चेतावनी: समाज को ऐसे ‘स्वयंभू बाबाओं’ के रसूख से प्रभावित होने के बजाय उनके चरित्र और कर्मों को प्रधानता देनी चाहिए। रसूखदार लोगों की उपस्थिति किसी व्यक्ति के ‘पवित्र’ होने का प्रमाण नहीं है।संपत्ति और वीडियो: ब्लैकमेलिंग का जाल1,500 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति दिखाती है कि कैसे लोगों की आस्था को ‘व्यापार’ बना दिया गया था। वहीं, 100 आपत्तिजनक वीडियो इस बात का संकेत हैं कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल महिलाओं को चुप कराने और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा था।डिजिटल युग में अपनी निजता की रक्षा करना अनिवार्य है। किसी भी परिस्थिति में अपनी व्यक्तिगत जानकारी या एकांत के पलों को ऐसे ढोंगियों के साथ साझा न करें।हमें क्या बदलने की जरूरत है!तर्कशक्ति का प्रयोग: किसी की बातों पर आँख बंद करके विश्वास करने के बजाय तर्क करें। क्या कोई इंसान वाकई आपका भाग्य बदल सकता है!मजबूरी में न डरे: अपराधी हमेशा आपकी कमजोरी का फायदा उठाता है। यदि आप शोषण का शिकार हो रहे हैं, तो लोक-लाज के डर से चुप रहने के बजाय कानून की मदद लें।सामूहिक बहिष्कार: जब भी किसी ढोंगी का पर्दाफाश हो, समाज को एकजुट होकर उसका और उसके समर्थकों का बहिष्कार करना चाहिए ताकि भविष्य में कोई दूसरा ‘खरात’ पैदा न हो सके।परिणामअशोक खरात की गिरफ्तारी केवल एक अपराधी की पकड़ नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक चेतावनी है। आस्था को तर्क की कसौटी पर कसना सीखें। याद रखें, सच्चा आध्यात्मिक मार्ग कभी भी शोषण, बलात्कार या अकूत धन के संग्रह पर आधारित नहीं हो सकता।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments