
मुंबई। बकरीद के करीब आने के बीच बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया रविवार को मुंबई के घाटकोपर स्थित मैत्री को-ऑपरेटिव सोसायटी, दामोदर पार्क में रहिवासी चॉलों और इमारतों का दौरा कर रहे हैं। यह वही परिसर है जहां पहले भी बकरीद को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो चुका है। इस बार भी कुछ रहिवासियों का विरोध देखने को मिला। किरीट सोमैया ने शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे पर ‘वोट जिहाद’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा, “यह सब वोट जिहाद के लिए हो रहा है। अगली बार अगर कोई दहशत फैलाने के लिए बकरा काटेगा तो हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली बार महानगरपालिका अधिकारी और माफिया पुलिस को धमकी देकर घाटकोपर में बकरा काटने की अनुमति लेकर विवादित स्थिति पैदा कर चुके हैं। सोमैया ने शरद पवार, उद्धव सेना और राहुल गांधी को इस ‘वोट जिहाद’ का जिम्मेदार ठहराया और कहा, पहलगाम के बाद हमने जैसा जवाब दिया, वैसा ही अमेरिका में भी वोट जिहाद किया गया। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।
बकरीद का धार्मिक महत्व और तारीख
ईद उल-अजहा यानी बकरीद मुस्लिम समुदाय का महत्वपूर्ण त्योहार है, जो इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के आखिरी महीने जुल हिज्जा की दसवीं तारीख को मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 6 या 7 जून को मनाए जाने की संभावना है, जो चांद नजर आने के बाद आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा। बकरीद केवल जानवरों की कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और दान का प्रतीक भी है। इसके तहत कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है — गरीबों और जरूरतमंदों को, मित्रों और रिश्तेदारों को, तथा अपने घर परिवार के लिए। किरीट सोमैया के विवादित बयानों ने स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है, और बकरीद के पर्व से पहले क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है।




