
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा के मुंबई अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने आरोप लगाया कि बीएमसी में शिवसेना के 25 वर्षों के शासनकाल के दौरान करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने इसे देश का सबसे बड़ा नगर निगम घोटाला करार दिया।
भ्रष्टाचार का विस्तृत आरोप पत्र जारी
रविवार को जारी एक विस्तृत आरोप पत्र में अमित साटम ने कहा कि मुंबई की जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और जिन्होंने 25 वर्षों तक मुंबईकरों की मेहनत की कमाई से अपनी तिजोरियां भरी हैं, उन्हें आगामी चुनाव में सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा। साटम ने आरोप लगाया कि मुंबई की सड़कों पर 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए, इसके बावजूद शहर गड्ढों से मुक्त नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को ठेके दिए गए, टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हुईं और ऊंची दरों पर ठेके देकर जनता के पैसों की खुली लूट की गई।
कोविड काल का भ्रष्टाचार बताया कफन चोरी जैसा पाप
भाजपा नेता ने कोविड काल के कथित भ्रष्टाचार को कफन चोरी जैसा पाप बताते हुए कहा कि उस दौरान लगभग 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर लाइफ लाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज को जाली दस्तावेजों के आधार पर ठेके दिए गए। इस मामले में शिवसेना नेता संजय राउत के करीबी सुजीत पाटकर का नाम सामने आया है, जिनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
बॉडी बैग और ऑक्सीजन प्लांट घोटाले का जिक्र
आरोप पत्र में कहा गया कि 1,500 रुपये में मिलने वाली बॉडी बैग 6,721 रुपये में खरीदी गई। वहीं 320 करोड़ रुपये खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए, इसके बावजूद महाराष्ट्र में कोविड के दौरान मृत्यु दर अधिक रही।
मराठी भाषा और शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप
अमित साटम ने आरोप लगाया कि मराठी भाषा के नाम पर केवल राजनीति की गई। पिछले दस वर्षों में मुंबई के 114 मराठी माध्यम स्कूल बंद हो गए और अब केवल 254 स्कूल शेष हैं। उन्होंने टैबलेट खरीदी में 40 करोड़ रुपये और शिक्षा क्षेत्र में कुल 182 करोड़ रुपये के घोटाले का भी आरोप लगाया।
नाला सफाई, जल प्रबंधन और पर्यावरण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार
आरोप पत्र में कहा गया कि नाला सफाई में बिना गाद निकाले ही वजन बढ़ाकर बिल पास किए गए। कैग ने भी 1,200 करोड़ रुपये की अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद मुंबई बाढ़-मुक्त नहीं हो सकी। मीठी नदी परियोजना 20 वर्षों बाद भी अधूरी है, जबकि इस पर 2,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। गारगाई और पिंजाल जल परियोजनाएं रद्द कर दी गईं और जल कर में हर साल 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया। अमित साटम ने आरोप लगाया कि शिवसेना यूबीटी तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए मुंबई की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान बदलने की साजिश में शामिल हो गई है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की कुछ रैलियों में देशविरोधी तत्वों को मंच दिया गया, जिससे शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उद्धव ठाकरे द्वारा कथित रूप से अपशब्द कहे जाने को लेकर साटम ने कहा कि यह केवल भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि हर मराठी, कोंकणी और मालवणी मध्यमवर्गीय नागरिक का अपमान है।




