
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार और पश्चिम बंगाल में कुल 12,200 करोड़ रुपये से अधिक की बहु-क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में रेलवे, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है। इनमें बिहार को 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की और बंगाल को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इन दोनों राज्यों में प्रधानमंत्री का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है, विशेषकर तब जब बिहार में एनडीए गठबंधन आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा है और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं। विपक्ष ने इन परियोजनाओं को चुनावी घोषणा करार देते हुए आलोचना की है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य को “विभाजनकारी” करार देते हुए कहा कि उन्हें बिहार के अपराध दर और जमीनी विकास पर बोलना चाहिए था। वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणाएं पूरी तरह विकास-केंद्रित हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि “राजद के समय बिहार में सिर्फ अपराध ही अपराध था, जबकि अब राज्य में रोजगार, सड़क और आधारभूत ढांचे का विकास हो रहा है।” उन्होंने कहा कि एनडीए शासनकाल में जितना विकास हुआ है, उतना शायद कभी बिहार ने नहीं देखा।
पश्चिम बंगाल को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा लगाए गए आरोपों पर आरपी सिंह ने कहा कि वहां चुनाव अभी दूर हैं, फिर भी यदि प्रधानमंत्री राज्य को परियोजनाओं का लाभ दे रहे हैं, तो इसे केवल चुनावी सौगात कहना गलत होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में बंगाल अपराध की गिरफ्त में है और प्रधानमंत्री जो भी सौगात दे रहे हैं, वह राज्य की भलाई के लिए है। इस पूरी कवायद को भाजपा के आगामी चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी इन परियोजनाओं के जरिए जनता के बीच अपनी विकासवादी छवि को और सुदृढ़ करना चाहती है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह दौरा जहां बिहार और बंगाल की अधोसंरचना को नया बल देगा, वहीं बीजेपी को चुनावी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बढ़त दिलाने की उम्मीद है।




