
मुंबई। राज्य के तुअर (अरहर) उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने पीपीएस योजना (Price Support Scheme) के तहत तुअर खरीदी की अंतिम तिथि 28 मई 2025 तक बढ़ा दी है। यह जानकारी पणन मंत्री जयकुमार रावल ने दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मांग पर केंद्र के इस फैसले से हजारों किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर लाभ मिल सकेगा। मंत्री रावल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार की ओर से लगातार यह मांग की जा रही थी। राज्य के पणन विभाग द्वारा इस संबंध में केंद्र सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भी भेजा गया था।
खरीदी में अब तक की प्रगति
अब तक 1,37,458 किसानों ने अपनी तुअर बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया है। 13 मई 2025 तक 69,189 किसानों से 1,02,951 मीट्रिक टन तुअर की खरीदी की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि केंद्र की पहले निर्धारित 90 दिनों की खरीदी अवधि 13 मई को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन हजारों किसान अभी भी प्रतीक्षा सूची में थे।2024-25 के खरीफ सीजन के लिए केंद्र ने महाराष्ट्र से 2,97,430 मीट्रिक टन तुअर की खरीदी को मंजूरी दी है। यह खरीदी नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) के माध्यम से राज्य की 8 नोडल एजेंसियों द्वारा की जा रही है। इसके तहत 764 खरीदी केंद्र राज्य भर में सक्रिय हैं, जो किसानों की सुविधा के लिए कार्यरत हैं। तुअर की खरीद 7,550 रूपए प्रति क्विंटल की न्यूनतम समर्थन मूल्य दर पर की जा रही है, जो वर्तमान खुले बाजार दर से अधिक है। ऐसे में किसानों को पीपीएस योजना के तहत सीधे लाभ मिल रहा है। समयसीमा बढ़ने से अब बाकी बचे किसान भी समर्थन मूल्य का लाभ उठाकर अपनी उपज को लाभकारी दर पर बेच सकेंगे। मंत्री जयकुमार रावल ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द पंजीकृत केंद्रों पर जाकर तुअर बिक्री की प्रक्रिया पूरी करें और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में प्रतिबद्ध है और आवश्यकतानुसार भविष्य में भी मदद के लिए तत्पर रहेगी।




