
मुंबई। नागपुर जिले के काटोल तालुका के राऊलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड विस्फोटक निर्माण कारखाने में हुए भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी को बंद कर दिया है। इस मामले में कंपनी के मालिक सहित 21 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। साथ ही भविष्य में सुरक्षा में गंभीर त्रुटि पाए जाने पर केवल नोटिस देने के बजाय सीधे कंपनी बंद करने के अधिकार नए श्रम कानून के तहत प्रशासन को दिए जाएंगे। यह जानकारी गुरुवार को श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने विधानसभा में दी। नागपुर जिले के काटोल तालुका के राऊलगांव स्थित इस विस्फोटक फैक्ट्री में हुए धमाके में 18 मजदूरों की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर विधायक अतुल भातखळकर ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मुद्दा उठाया। श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच जारी है और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। राज्यमंत्री एड. आशीष जयस्वाल ने बताया कि विस्फोट की घटना के बाद राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। इस मामले में मालिक सहित 21 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी में किसी एक व्यक्ति को निदेशक बनाकर जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान श्रम कानूनों में सुरक्षा में खामियां मिलने पर केवल नोटिस देने या मामला दर्ज करने तक ही अधिकार सीमित हैं, लेकिन प्रस्तावित नए श्रम कानून के तहत मजदूरों की जान से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों को सीधे बंद करने का अधिकार प्रशासन को मिलेगा। सरकार की योजना के अनुसार फैक्ट्री में सुरक्षा से जुड़ी सभी कमियों की जानकारी कंपनी के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करना अनिवार्य किया जाएगा। सुरक्षा जांच के दौरान मजदूरों का प्रतिनिधि भी मौजूद रहेगा, ताकि सुरक्षा संबंधी निर्देश और खामियों की जानकारी सीधे मजदूरों तक पहुंच सके। राज्यमंत्री आशीष जयस्वाल ने बताया कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राजस्व मंत्री ने केंद्रीय संस्था पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO)से चर्चा की है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से नागपुर क्षेत्र के सभी खतरनाक कारखानों का तत्काल ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 25 बिंदुओं वाले सुरक्षा दिशा-निर्देशों के पालन की जांच हेतु विशेष दल तैनात किए गए हैं। इस पूरे मामले पर विधानसभा में हुई चर्चा में विधायक नाना पटोले, जयंत पाटील, विजय वडेट्टीवार, चरणसिंह ठाकूर, समीर कुणावार और संजय मेश्राम ने भी अपने विचार रखे।




