
मुंबई। अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल, महाराष्ट्र राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास महामंडल और वसंतराव नाइक विमुक्त जाति एवं घुमंतू जनजाति विकास महामंडल की ब्याज वापसी योजना से जुड़ी महिला लाभार्थियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अब मुंबई बैंक से विशेष ऋण योजना शुरू की जा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने निगमों को निर्देश दिया कि वे इस योजना से जुड़ने के लिए मुंबई बैंक के साथ तत्काल समझौता करें। मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्री तटकरे ने कहा कि महिलाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें व्यवसाय करने का अवसर मिलेगा। मुंबई बैंक की इस पहल के तहत 5 से 10 महिलाएं मिलकर समूह व्यवसाय शुरू कर सकेंगी और उन्हें 10,000 रुपए से लेकर 1,00,000 रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने बताया कि मुंबई बैंक में वर्तमान में 16.07 लाख बचत खाते हैं, जिनमें से 53,357 महिलाओं ने “माझी लड़की बहन योजना” के तहत शून्य शेष राशि वाले खाते खोले हैं। इन खातों में पात्र महिलाओं को सरकार हर महीने सीधे 1500 रुपए जमा कर रही है। बैठक में विधायक चित्रा वाघ, अन्नासाहेब पाटिल महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल, विभाग की संयुक्त सचिव वी.रा.ठाकुर, वित्त विभाग की संयुक्त सचिव स्मिता निवतकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर मंत्री तटकरे ने आंगनवाड़ी निर्माण में भी एकरूपता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्यभर में आंगनवाड़ियों का निर्माण एक समान पद्धति से किया जाए और बिजली आपूर्ति में सौर परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, पोषण आहार की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं और सरकार का प्रयास है कि हर बच्चे को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।




