
बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या और जबरन वसूली मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की गई है। इस मामले में आरोपी और मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वाल्मिक कराड ने 31 दिसंबर को पुणे में सीआईडी के सामने आत्मसमर्पण किया था। इससे पहले उन्हें पुलिस ने 14 दिन की हिरासत में रखा था। मंगलवार को कराड को बीड जिले के केज में अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सरपंच संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख ने हत्या और जबरन वसूली मामले में मकोका लगाने की मांग की थी। इस मांग के समर्थन में मासाजोग गांव में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रशासन ने कराड पर मकोका लागू कर दिया, जिसके बाद उनके समर्थकों ने बीड और परली में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। मकोका लगाए जाने के विरोध में परली और बीड में कराड के समर्थकों ने सड़कें जाम कर दीं, टायर जलाए और बंद का आह्वान किया। परली में कराड की 75 वर्षीय मां परुबाई कराड ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा, “मुझे मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दो। साथ ही, बीड पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह का प्रयास किया। दो समर्थकों ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया, लेकिन अन्य प्रदर्शनकारियों के हस्तक्षेप से उन्हें रोक लिया गया। पुलिस ने पेट्रोल की बोतलें जब्त कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। कराड के समर्थक उनके खिलाफ आरोप हटाने की मांग कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों के चलते क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरपंच हत्या मामले में मकोका लागू करने और विरोध प्रदर्शनों से उपजे हालात को देखते हुए प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, मृतक सरपंच के परिवार ने न्याय की मांग को दोहराया है।




