
पुणे। बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 केवल एक अंतरराष्ट्रीय सायकलिंग प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए टिकाऊ खेल और आधारभूत ढांचे की एक स्थायी विरासत बनेगा। यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को पुणे के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बजाज पुणे ग्रैंड टूर के शुभारंभ एवं अंतरराष्ट्रीय साइकिल खिलाड़ियों के स्वागत समारोह में किया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ, उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, सामाजिक न्याय राज्य मंत्री माधुरी मिसाल तथा सायकलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव दातो मनिंदर पाल सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम है—जहां शौर्य, परंपरा और तकनीकी प्रगति एक साथ दिखाई देती है। प्रौद्योगिकी, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी में अग्रणी होने के साथ-साथ पश्चिमी घाट का प्राकृतिक सौंदर्य इस प्रतियोगिता को विशिष्ट ऊंचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन शीघ्र ही वैश्विक खेल कैलेंडर में एक प्रतिष्ठित वार्षिक स्पर्धा के रूप में स्थापित होगा और पुणे को खेल व पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ग्रैंड टूर आने वाले कई दशकों तक टिकने वाले मार्ग की शुरुआत है, जिसके साथ पर्यटकों को प्रकृति के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक किलों के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि ‘यूसीआई’ के इतिहास में मील का पत्थर बनने वाली इस प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए महाराष्ट्र शासन पूर्ण सहयोग देगा और सभी खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ भाग लेने का आह्वान किया। दुनिया के 35 से अधिक देशों से आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्होंने पुणे जिला प्रशासन और सभी शासकीय यंत्रणाओं की सराहना की, जिन्होंने अत्यंत कम समय में 437 किलोमीटर लंबी सड़कों और आवश्यक अधोसंरचना को विश्व-स्तरीय मानकों के अनुरूप तैयार किया। अपने प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे किसी भी आयोजन की अब तक की सबसे तेज और प्रभावी तैयारी बताया। प्रारंभिक संबोधन में पुणे संभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने इसे पुणे और महाराष्ट्र के लिए खेल, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय छवि के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया और पुणेकरों से उत्साहपूर्वक सहभागिता की अपील की। समारोह का विशेष आकर्षण वह क्षण रहा, जब अंतरराष्ट्रीय साइकिल खिलाड़ी भारतीय पारंपरिक परिधान—कुर्ता-पायजामा और जैकेट में मंच पर नजर आए। यह दृश्य केवल औपचारिक स्वागत नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना का जीवंत उदाहरण बना, जिसने भारतीय संस्कृति, आतिथ्य और वैश्विक एकता को खेल के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।



