
मुंबई। ‘गुलजार ए रजा’ संस्था से जुड़े आर्थिक लेनदेन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद इस पूरे मामले की जांच एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) द्वारा शुरू कर दी गई है। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधान परिषद में प्रश्नोत्तर काल के दौरान दी। इस संबंध में सदस्य विक्रम काले ने प्रश्न उठाया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि यह मामला केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए धन संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच के दौरान विदेश स्थित एक संस्था से लगभग 25 लाख रुपये प्राप्त होने की बात भी सामने आई है। इस पृष्ठभूमि में संबंधित संस्था के सभी बैंक खातों को सील कर दिया गया है और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में करीब 18,573 दानदाताओं से चार जिलों में लगाए गए 400 ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से धन एकत्र किया गया। कई दानदाताओं की जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उसकी विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही, विभिन्न खातों से धन निकालकर अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। इस धन का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया और इसके पीछे क्या मंशा थी, इसकी भी जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले के हर पहलू को सामने लाने के लिए एटीएस द्वारा समानांतर जांच की जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने बताया कि संबंधित संस्था के नाम पर विभिन्न कारणों का हवाला देकर नागरिकों से लगभग 4.73 करोड़ रुपये एकत्र किए गए। ट्रस्ट की स्थापना माजलगांव में की गई थी, जबकि बैंक खाता लातूर स्थित एक्सिस बैंक में खोला गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। ट्रस्ट के माध्यम से अन्य किसी प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं या नहीं, इसकी भी गहन जांच की जा रही है।




