Friday, March 13, 2026
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अंतिम व्यक्ति तक उम्मीदों को पहुँचाने वाला प्रभावी तंत्र है अंदाज समिति: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अंदाज समिति (प्राक्कलन समिति) केवल बजट या खर्च की समीक्षा करने वाला मंच नहीं, बल्कि यह अंतिम व्यक्ति की अपेक्षाओं और जरूरतों को पूरा करने वाली लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक शक्तिशाली उपकरण है। उन्होंने बताया कि “प्राक्कलन” शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है पूर्व गणना। सरकार जब बजट बनाती है, तो अंदाज समिति यह सुनिश्चित करती है कि संसाधनों का उपयोग सही दिशा में हो। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इस समिति की 65-70 प्रतिशत सिफारिशों को अमल में लाया गया है, जो उसकी गंभीरता और असरदार कार्यशैली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंदाज समिति प्रशासन पर नैतिक दबाव बनाकर उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और अनुशासन को बढ़ावा देती है और नीतियों का मूल्यांकन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह समिति वर्षभर काम करती है, जिससे शासन में गति और पारदर्शिता आती है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल के इस दौर में हमें सोचना होगा कि इन समितियों को और कैसे प्रभावी, परिणामकारी और मजबूत बनाया जाए।
महारानी अहिल्यादेवी होलकर आज भी सुशासन की प्रतीक: सभापति राम शिंदे
विधान परिषद के सभापति प्रा.राम शिंदे ने चर्चासत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि लोकहित, न्याय और संवेदनशीलता का संतुलित मिश्रण है। उन्होंने महारानी अहिल्यादेवी होलकर को “भारत की दार्शनिक रानी” बताते हुए उनके प्रशासनिक कार्यों—करमाफी, भू-सर्वेक्षण, जलसंधारण—का उल्लेख किया। ‘भिलकौड़ी प्रयोग’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे अहिल्यादेवी ने भील समाज को सामाजिक सुरक्षा का अंग बनाया और रोजगार के साथ उन्हें सम्मान भी दिया।
हर रुपया जनता तक पहुँचे, यही है अंदाज समिति का उद्देश्य: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
उद्घाटन सत्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा ध्यान गरीब कल्याण पर है और अंदाज समितियाँ यह सुनिश्चित करने में सहायक होती हैं कि सरकार का एक-एक रुपया अंतिम नागरिक तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि इन समितियों की कार्यप्रणाली ने शासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को नया आयाम दिया है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अंदाज समितियों को “छोटी संसद” की संज्ञा दी और कहा कि बजट की घोषणाएँ तभी सार्थक होती हैं जब उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह पूरी योजना को वित्तीय अनुशासन, RBI गाइडलाइंस और FRBM कानून के अनुरूप तैयार किया गया। अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के लिए होती है और अंदाज समिति इस लोकतांत्रिक मूल भावना को जमीनी स्तर पर उतारने का कार्य कर रही है।

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